मुरादाबाद। थाना भोजपुर के गांव मेदनीपुर में ग्रामीणों ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का घेराव किया। बीएसए प्राथमिक विद्यालय में रविवार को स्कूल के नाम की पट्टिका गिरने से रविवार को हुई एक बालक की मौत के बाद निरीक्षण करने गए थे। आक्रोशित परिजन जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े थे। बाद में एसडीएम सदर और एसओ भोजपुर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। हादसे में घायल अन्य बालक का निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
गांव मेदनीपुर के प्राथमिक विद्यालय में 13 वर्षीय जयकिशन और 12 वर्षीय अनिकेत रविवार को खेलने आए थे। इसी बीच छज्जे पर लगी स्कूल के नाम की पट्टिका बच्चों के ऊपर गिर गई, जिसमें दोनों बच्चे घायल हो गए। बाद में जयकिशन की मौत हो गई, जबकि अनिकेत का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार, स्टेनो नरपाल सिंह, जिला समन्वयक निर्माण हर्षवर्धन कपिल और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सर्वेश शर्मा के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने और परिजनों को सांत्वना व्यक्त करने गए थे।
परिजन आदेश यादव का कहना है कि स्कूल पहले से जर्जर हालत में था। नाम पट्टिका बच्चों के ऊपर गिरी है। वर्ष 2016-17 में मरम्मत के लिए आवेदन किया था। बजट आने की भी जानकारी मिली है, लेकिन स्कूल में मरम्मत कार्य नहीं हुआ। इसकी जिम्मेदारी बीएसए और ग्राम प्रधान की है। इसलिए बीएसए का घेराव किया था। सिर्फ हम नहीं, बल्कि सभी ग्रामीण आक्रोशित थे। एसडीएम ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सरकार की तरफ से मदद करने का आश्वासन दिया है।
बीएसए के अनुसार तिरंगा लगाने के स्थान पर खेल रहे थे बच्चे
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय परिसर में मंदिर और धर्मशाला है। इसकी वजह से विद्यालय का गेट बंद नहीं किया जाता है। बच्चे खेलते हुए छज्जे पर तिरंगा लगाने के लिए बनाए गए बेस पर पहुंच गए थे। तिरंगे का बेस बच्चे का वजन झेल नहीं पाया और बच्चे गिर गए। अनिकेत जयकिशन के ऊपर गिर गया। दबने की वजह से जयकिशन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिकेत घायल हो गया। उन्होंने कहा कि परिजन मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में एसडीएम सदर और एसओ भोजपुर ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
ग्राम विकास अधिकारी को जांच के निर्देश
एसडीएम सदर हिमांशु वर्मा ने बताया कि स्कूल के छज्जे के ऊपर झंडा लगाने वाला बेस नीचे गिर गया और बच्चे उसके नीचे दब गए। बच्चों का पूरा विवरण ले लिया है। यदि वह सहायता राशि की श्रेणी में आएगा तो परिजनों की मदद की जाएगी। ग्राम पंचायतों को अधिकार है कि वह बहुमत से प्रस्ताव पास कर स्कूल में निर्माण कर सकते हैं। गत एक वर्ष में नया निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इसलिए कोई प्रस्ताव पास हुआ है या फिर कुछ बजट निकासी हुई है, इसकी जांच के लिए ग्राम विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।