दिल्ली फैजाबाद एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की जांच मुरादाबाद मंडल से नहीं होगी। बड़ौदा हाउस इस मामले की जांच सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी से कराएगा। मंडल स्तर पर जांच नहीं कराए जाने के कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
रविवार की रात दिल्ली फैजाबाद एक्सप्रेस गढ़ मुक्तेश्वर और बृजघाट के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। सोमवार तक महाप्रबंधक उत्तर रेलवे के निर्देशन में सभी मंडलीय अधिकारी भी घटनास्थल पर रास्ता क्लियर कराने में जुटे रहे। इसके साथ ही घटना की जांच के लिए कमेटी भी बना दी गई।
मुरादाबाद मंडल में जांच के लिए मंगलवार को जे ग्रेड की कमेटी बनाने की तैयारी चल रही थी। इस बीच बड़ौदा हाउस से आदेश आ गया कि घटना की जांच सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी (सीएसी) करेगी। इसके बाद मंडल ने टीम नहीं बनाई। हालांकि हाई लेबल की जांच कराने के कई कारण बताए जा रहे हैं।
रेलवे के सूत्रों के अनुसार मंडल में पिछले छह महीने में कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सभी में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट से महाप्रबंधक भी संतुष्ट नहीं थे। घटनाओं में किसी की जिम्मेदारी तय करने के बजाय ड्राइवर, गार्ड और स्टेशन मास्टर को दोषी मानकर कार्रवाई की गई। जिस कारण एक्सीडेंट नहीं रुक रहे हैं। ऐसे में सीएसी बनाने का निर्णय लिया गया है।
जिससे न केवल कारणों का पता चल सके बल्कि जिम्मेदारी भी तय हो सके। जलियांवाला बाग में बचाया था अधिकारी को - नवंबर में कटघर स्टेशन यार्ड में जलियांवाला बाग एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जे ग्रेड अधिकारियों की जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच कमेटी में मंडल स्तर के अधिकारियों को बचाने में एनर्जी लगाई गई थी।