मुरादाबाद। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जांच को भेजे गए पांच नमूने फेल हो गए। लाल मिर्च में प्रतिबंधित रंग सूडान-द्वितीय पया गया है, तो वहीं मावा असुरक्षित मिला है। आटा भी खाने योग्य नहीं पाया गया। विभाग ने दुकानदारों के बिक्री लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की स्वीकृति के लिए रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेज दी है।
अभिहित अधिकारी बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय टीम ने 21 अक्टूबर 2019 को सूरज नगर की महर्षि कालोनी निवासी ज्ञान सिंह के प्रतिष्ठान से लाल मिर्च, रामगंगा विहार फेज-प्रथम निवासी मयंक अग्रवाल के प्रतिष्ठान से लाल मिर्च, 18 जनवरी 2020 को थाना डिलारी क्षेत्र के गांव ढकिया पीरू निवासी दुल्हा जान की दुकान से लाल मिर्च पाउडर का नमूना लेकर जांच को भेजा था। राजकीय परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में लाल मिर्च पाउडर के तीनों नमूने फेल पाए गए हैं। इनमें प्रतिबंधित रंग सूडान- द्वितीय पाया गया। विभाग ने तीनोें का लाइसेंस निरस्त कर दिया तथा मुकदमा दर्ज कराने की स्वीकृति के लिए रिपोर्ट खाद्य आयुक्त लखनऊ को भेज दी है। इसके अलावा 19 अक्टूबर को सूर्यनगर लाइनपार निवासी जितेंद्र कुमार के प्रतिष्ठान से लिया गया आटा का नमूना भी जांच में फेल पाया गया है यानी उसमें कीड़े पाये गए। भोजपुर क्षेत्र के गांव पीपलसाना निवासी तेज सिंह की दुकान से मावा का नमूना लेकर जांच को भेजा गया था। मावा जांच में असुरक्षित पाया गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की स्वीकृति के लिए रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेज दी है।
सूडान रंग है कैंसर का जनक
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सूडान द्वितीय प्रतिबंधित रंग है। यह कपड़े रंगने के काम आता है। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करने से यह शरीर में पहुंच जाता है। यह शरीर के जिस हिस्से में रुकता है, वहां ऊतकों को एकत्र कर लेता है। इससे शरीर में ऊतकों की गांठ बन जाती है, जो बाद में कैंसर में तब्दील हो सकती है। यह खाद्य पदार्थों में पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
प्रतिबंधित रंग मिलने पर सभी के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इन सभी के दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की स्वीकृति के लिए रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेज दी है।
बिनोद कुमार सिंह, अभिहित अधिकारी।