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बैंक वालों ने मांगा सामूहिक अवकाश

Wed, 14 Dec 2016 02:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम के बाहर कैश निकालने के लिए लाइन में खडे़ लोग। - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद कैश क्राइसिस से जूझ रही पब्लिक के आक्रोश से सहमे बैंक वालों ने सामूहिक अवकाश मांगा है। एसबीआई की चौरासी घंटा शाखा के प्रबंधक और कर्मचारियों ने आरएम को चिट्ठी भेजकर सामूहिक अवकाश देने की मांग की है।
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कर्मचारियों का कहना है कि बैंक में कैश नहीं है तो पब्लिक को कहां से दें। कैश नहीं मिलता तो पब्लिक भड़कती है और आएदिन लोग धमकियां देते हैं। जिससे खतरा महसूस होता है।एसबीआई की चौरासी घंटा शाखा के प्रबंधक जगराम सिंह ने मंगलवार को रीजनल मैनेजर एमसी पांडेय को जैसे ही सामूहिक अवकाश की चिट्ठी भेजी, बैंक के आला अफसरों में खलबली मच गई।

बैंक मैनेजर ने चिट्ठी में कहा था कि बैंक से बगैर कैश के लौट रहे ग्राहक आए दिन गंभीर धमकियां देते हैं। भीड़ से बार - बार आवाजें आती हैं .. मार दो.. काट दो..। इस माहौल में सीट पर बैठकर हर वक्त डर रहता है और खतरा महसूस होता है।
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बैंक मैनेजर ने चिट़्ठी में कहा है कि पूरा स्टाफ इस बात से डरा सहमा है कि यदि पब्लिक किसी दिन हिंसक हो गई तो सबकी जान को खतरा हो सकता है। एसबीआई की एक शाखा के मैनेजर की ओर से भेजी गई चिट़्ठी ने एसबीआई के साथ ही बाकी बैंकों में भी खलबली मचा दी।

बैंक के आला अफसरों को डर है कि ऐसी आवाजें बाकी शाखाओं से भी उठ सकती हैं। कैश क्राइसिस में पब्लिक का प्रेशर झेल रहे कुछ दूसरे बैंकों का स्टाफ भी इस लाइन पर आवाज उठा सकता है। 

इसलिए मामले को तुरंत हैंडल किया गया। बैंक के आला अफसरों ने चौरासी घंटा शाखा के स्टाफ से बात की। फिलहाल इस बैंक शाखा के स्टाफ को समझाबुझाकर ड्यूटी के लिए मना लिया गया है।  लेकिन ऐसी ही आवाजें दूसरी बैंकाें से भी उठ सकती हैं।
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