मुरादाबाद। पाकबड़ा के बहुचर्चित कुलदीप गुप्ता अपहरण-हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। इस हत्या में तीन हत्यारोपियों ने फिरौती लेने के बाद कारोबारी की हत्या कर दी थी। हत्यारोपी आपस में ममेरे-फुफेरे भाई हैं।
हत्या के तीनों आरोपी जिला कारागार में निरुद्ध हैं। मुख्य आरोपी नंदकिशोर की जमानत याचिका जनपद न्यायाधीश रघुवेंद्र की अदालत में पेश हुई। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने अदालत को बताया कि किथाना पाकबड़ा निवासी स्पेयर पार्ट्स कारोबारी कुलदीप गुप्ता के भाई संजीव गुप्ता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके भाई कुलदीप 4 जून 2021 से लापता हैं। घटना वाले दिन ही कुलदीप ने अपनी पत्नी को फोन करके अपने पुुराने कर्मचारी मुस्तफा को चार लाख रुपये देने के लिए कहा था। उसके कहे अनुसार मृतक की पत्नी ने मुस्तफा को रुपये दे दिए थे। इस दौरान कुलदीप अपने मित्र नन्दू उर्फ नन्दकिशोर के साथ अस्पताल चले गए थे, जहां पहले से ही नन्दू ने कुलदीप की हत्या की योजना बना ली थी। कुलदीप को एंबुलेंस में बैठाकर बिजनौर के गंगाधरपुर गांव ले गए थे। हत्या करने के बाद उनकी लाश को सड़क किनारे फेंक दिया था। 7 जून को आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे। जिनमें नन्दू उर्फ नन्दकिशोर के रिश्ते के भाई कर्मवीर और रनवीर ने भी हत्या में सहयोग किया था। जिनके पास से लोहे की रॉड और साढ़े तीन लाख रुपये बरामद हुए थे। तीसरे आरोपी रनवीर ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। रिमांड के दौरान उसके पास से पचास हजार रुपये और मृतक का सोने का लॉकेट बरामद हुआ था। वहीं बचाव पक्ष का कहना था कि उन्हें रंजिशन फंसाया गया है तथा बरामदगी भी फर्जी दिखाई गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी नन्दकिशोर की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी।