रामपुर। फर्जी तरीके से पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज बनवाकर झोलाछाप डॉक्टर के रूप में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक की जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी है। बांग्लादेशी नागरिक को 13 दिसंबर 2021 को शाहबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
आप्रवासन (इमीग्रेशन) विभाग ने बरेली पासपोर्ट कार्यालय को देवाशीष मंडल के पासपोर्ट को शक के आधार पर जांच के लिए भेजा था। ये जांच रामपुर पुलिस और खुफिया एजेंसी के पास आई थी। जांच में देवाशीष मंडल के नाम से भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवाए जाने की पुष्टि हुई थी। हालांकि आरोपी बांग्लादेशी नागरिक देवाशीष उस वक्त बरेली जनपद के सिरौली क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था लेकिन, उसके दस्तावेजों में शाहबाद के मोहल्ला सादात का पता दर्ज था। पुलिस ने जब जांच की तो देवाशीष मंडल का असली नाम व पता देवाशीष विश्वास निवासी ग्राम वारी अली थाना चौगासा जनपद जसर, बांग्लादेश पाया गया। पुलिस जांच में पता चला कि देवाशीष टूरिस्ट वीजा पर साल 2012 में तीन माह के लिए भारत आया था। शुरुआत में वो कोलकाता आया था, उसके बाद वो शाहबाद आकर रहने लगा और फिर सिरौली में छोलाछाप चिकित्सक के रूप में काम करने लगा था। उसने सिरौली में अपना मकान भी बना लिया था।
पुलिस ने देवाशीष को 13 दिसंबर 2021 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। जेल में बंद देेवाशीष ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। जिस पर कोर्ट में सुनवाई हुई, दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने जमानत खारिज कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कोर्ट में आरोपी की जमानत खारिज करने की दलील दी थी, जिस पर कोर्ट ने बांग्लादेशी नागरिक देवाशीष मंडल की जमानत खारिज कर दी है।