भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन मुरादाबाद से अपनी दूसरी सियासी पारी खेलने की तैयारी में हैं। उन्होंने 2009 में यहां से सियासी ओपनिंग कर कांग्रेस को 25 साल बाद जीत दिलाकर संसद का रास्ता दिखाया था। वह मुरादाबाद में ईद की नमाज अदा करने के साथ-साथ लोगों से मिलने आए हैं।
क्रिकेटर अजहरुद्दीन 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी माने जा रहे हैं। ईद पर मुरादाबाद में रहकर वह इसके संकेत देंगे। 2009 में यहां से जीत कर राजनीतिक सफर शुरू करने वाले अजहरुद्दीन ने 2014 में माधोपुर से चुनाव लड़ा था। वहां पर उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। ईद पर उनके मुरादाबाद में आने से सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। यदि वह चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस और अजहरुद्दीन दोनों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस उन्हें चुनावी समर में उतारती है तो मुकाबला भाजपा प्रत्याशी से होने की उम्मीद है।
पिछले दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सपा - बसपा गठबंधन को लेकर बयान दिया था। उसी के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं किया जाएगा। उनके इस बयानों के बाद अचानक अजहरुद्दीन का मुरादाबाद आने का कार्यक्रम तय हुआ है। हालांकि अजहरुद्दीन के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीम अफजल भी मुरादाबाद सीट से दावेदार माने जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष डा. एपी सिंह भी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे में स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।