लोकसभा चुनाव में पूर्व मंत्री आजम खां रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो आजम खां के लगभग 40 साल के राजनीतिक सफर में यह पहला मौका होगा जब वह लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। आजम खां रामपुर विधानसभा सीट से कुल 11 बार चुनाव लड़े हैं, जिसमें नौ मर्तबा उनको जीत हासिल हुई है। वर्तमान में वह रामपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। इसके अलावा आजम खां प्रदेश में पांच बार मंत्री भी रह चुके हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर सपा-बसपा और रालोद का जो गठबंधन हुआ है उसमें रामपुर लोकसभा सीट सपा के खाते में आई है। यहां से सपा का प्रत्याशी गठबंधन का उम्मीद्वार होगा। पार्टी सूत्रों की माने को सपा यहां से आजम खां को चुनावी मैदान में उतारने का मन बन चुकी है। एक-दो दिनों के अंदर इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो जाने की संभावना है। हालांकि आजम खां ने इसको लेकर अपनी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके अलावा मुरादाबाद संसदीय सीट से डॉ. एसटी हसन को सपा एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतार सकती है। मुरादाबाद की लोकसभा सीट भी गठबंधन में सपा के हिस्से में आई है। एसटी हसन 2014 में भी मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा के प्रत्याशी थे और दूसरे स्थान पर रहे थे।