सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां को सीतापुर जेल में एक साल का वक्त पूरा होने जा रहा है। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी जेल की अवधि इतनी ही है। इस बीच कई मामलों में उनकी जमानत मंजूर हुई है लेकिन अब भी कुछ मामलों में जमानत पर सुनवाई या फैसला बाकी होने से पिता-पुत्र की रिहाई का रास्ता नहीं बन सका है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद सांसद आजम खां पर लगातार कई मुकदमे दर्ज हुए। आजम खां, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे 2019 में दर्ज हुए थे। मुकदमों की सुनवाई के दौरान लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने तीनों के खिलाफ जमानती और बाद में गैर जमानती वारंट जारी किया था।
इसके बाद भी वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। इस पर कोर्ट ने कुर्की की मुनादी के आदेश दिए थे। पुलिस ने कुर्की की मुनादी कराई, लेकिन फिर भी आजम खां पत्नी और बेटे के साथ कोर्ट नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने कुर्की के आदेश जारी कर दिए थे।
कोर्ट से कुर्की का आदेश जारी होने के बाद आजम खां ने 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर तीनों को अगले ही दिन (27 फरवरी को) सीतापुर की जेल में भेज दिया था।