आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम।
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पूर्व मंत्री एवं सपा सासंद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में आजम खां के वकील द्वारा जमानत का प्रार्थनापत्र पेश किया गया, जिस पर अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 12 जनवरी तय की है।
पिछली तिथि पर अदालत ने आजम खां और उनके बेटे को जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी के आरोप में कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया था। इसके बाद बुधवार को दोनों आरोपियों की पेशी अदालत में होनी थी। बुधवार को अदालत में आजम खां के वकील द्वारा जमानत के लिए प्रार्थनापत्र पेश किया गया, जिस पर सुनवाई के लिए 15 जनवरी की तारीख तय की गई है। बता दें कि यह मामला मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान रामपुर की पूर्व सासंद जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी किए जाने का है।
इसके अलावा छजलैट प्रकरण में चार्ज पर बहस की गई। आजम खां और अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता शाहनवाज सिब्तेन ने कहा कि पुलिस ने जो मुकदमे दोनों पर लगाए हैं, उनमें आज तक कोई साक्ष्य अदालत में पेश नहीं किया। मामले मात्र राजनीति से प्रेरित हैं। ऐसा कोई साक्ष्य पुलिस के पास नहीं है, जिससे दोनों पर आरोप साबित हो।
वहीं दूसरी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल कुमार गुप्ता ने बचाव पक्ष के तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। न केवल आजम खां बल्कि उनके बेटे ने कानून अपने हाथ में लेकर अपराध किया है। इन सबूतों के आधार पर दोनों ही आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुन कर आदेश सुरक्षित कर लिया है।
साथ ही 16 जनवरी की तारीख तय की है। बता दें कि निजी यात्रा पर सपरिवार जाते समय छजलैट में पुलिस द्वारा वाहनों की चेकिंग पर आपत्ति करते हुए आजम खां ने विरोध जताया था। इस जानकारी पर तमाम सपा नेता वहां जुट गए थे और रास्ता जाम कर दिया था।