मुरादाबाद। दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में यात्री बनकर रोडवेज बस, आटो समेत अन्य सवारी वाहनों में चोरियां करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चारों आपस में रिश्ते के भाई है। मुख्य आरोपी ने खुलासा किया है कि उसके पिता भी इसी तरह वारदात करते हैं। उनसे ही चोरी करना उसने सीखा है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने चोरी के जेवर सहित अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि ये गिरोह डेढ़ सौ से अधिक चोरी की वारदाताें को अंजाम दे चुका है।
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी बिजनौर के श्योहारा निवासी अनीस, बिजनौर के शेरकोट निवासी रिजवान, कांठ के गोपालपुर निवासी खलील और रामपुर के बिलासपुर का रहने वाला शमशाद है। आरोपियों का पांचवां साथी भोजपुर के हमीदाबाद निवासी शमशाद भागा हुआ है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि खलील ही गिरोह का मुखिया है। वह चोरी के माल का 75 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखता था। 25 प्रतिशत हिस्सा अन्य आरोपी आपस में बांट लेते थे। इसके पीछे की वजह ये है कि खलील गिरोह के सभी सदस्यों के रहने, खाने और वारदात के दौरान होने वाले खर्च का भार उठाता है। अगर वह पकडे़ गए तो जेल से जमानत भी वही करवाता है। हाल ही में उसने बिहार में पकड़े जाने पर जेल से गिरोह के सदस्यों की जमानत भी करवाई थी। खलील ने पुलिस हिरासत में बताया कि उसके पिता फरजंद भी इसी तरह से वारदात को अंजाम देते थे। वह तीन बार जेल जा चुके हैं। उनसे ही सीख लेकर वह वारदातें करता था। पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है। दो साल से वह सवारी वाहनों में यात्री बनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।