एडीएम कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के जून माह के तीस वादों की सुनवाई करते हुए उनका निस्तारण कर दिया। मदर डेयरी का दूध अधोमानक पाया गया, जिसके चलते उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 29 अन्य कारोबारियों पर सवा तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दो आरोपियों की मौत होने के कारण उनका मुकदमा समाप्त कर दिया गया। इस दौरान सवा लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि मदर डेयरी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच में उसके दूध नमूना अधोमानक मिला था। इसके अलावा अधोमानक दूध विक्रय करने पर शेखूपुर निवासी राम अवतार सिंह पर 10 हजार, अधोमानक मावा विक्रय करने पर गांव चकमजदीपुर निवासी ऋषि पाल सिंह पर 10 हजार, अधोमानक मूंगफली दाना विक्रय करने पर मुकेश कुमार पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
गजरौला के सुल्तानपुर निवासी मोहम्मद नाजिम पर अधोमानक छेना विक्रय करने पर 10 हजार, जय कुमार जिंदल की पिसी हल्दी पर 10 हजार जुर्माना लगाया गया है। नौगांवा सादात के खेड़ा निवासी इकबाल और जहीर पर भी 10-10 हजार का जुर्माना लगाया गया। बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार किए जाने पर वकील अहमद पर 20 हजार और खेड़ा निवासी रियासत अली पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया।
वहीं लकड़ा निवासी अजमत अली पर 60 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है। रमपुरा निवासी लाल सिंह, बटवाल निवासी कासिम, गांव चौपट निवासी इमामुद्दीन, देहरा मिलक निवासी मंगल सिंह, ढक्का निवासी अजीम, सरकड़ा कमाल निवासी अरपनराज, सत्तूपुरा निवासी असलम और पतेवा गांव निवासी विजय पाल सिंह पर भी दस-दस हजार का जुर्माना लगाया गया है।