मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति की अरबों की जमीन के घोटाले के मामले में ऑडिट शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने बैठक कर इसकी रणनीति बनाई और काम पर जुट गई। इससे जमीन का खेल करने वाले कई खिलाड़ियों के नपने की चर्चा तेज हो गई है।
डीएम ने प्रदेश के अपर आयुक्त आवास की पहल पर मायानगर सहकारी आवास समिति की जमीनों के सर्वे के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी नक्शे के मुताबिक जमीनों का ऑडिट करेगी और घोटालों का राज खोलेगी। प्रारंभिक जांच के मुताबिक समिति की जमीन दिल्ली रोड, बुद्धि विहार से लाकड़ी फाजलपुर तक है। 10 साल पहले जमीन किसके पास थी, अब किसके पास है। जमीन का असली वारिस कौन है और पदाधिकारियों ने किस तरह खेल कर जमीनों का बंदरबांट किया, इसकी जांच की जा रही है। अपर आयुक्त आवास विनय कुमार मिश्रा के निर्देशों पर समिति की जमीनों की रजिस्ट्री पर पहले ही रोक लगा दी गई है। अपर आयुक्त आवास को समिति के पदाधिकारियों ने जमीनों का ब्योरा नहीं दिया। अब जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई एसआईटी के प्रमुख एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र ने सदस्यों के साथ बैठक कर जांच शुरू कर दी है।