मुरादाबाद। राज्य कर विभाग की टीम की जांच में मुरादाबाद की एक फर्म में कर चोरी सामने आई है। गलशहीद के सीधी सराय निवासी महिला निर्यातक ने अपनी फर्म के जरिए बिना खरीद-बिक्री किए ही फर्जी बिलों के आधार पर 4.49 करोड़ रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया है। इस मामले में राज्य कर विभाग के अधिकारी की तहरीर पर गलशहीद थाने में महिला शबाना परवीन, उसके बेटे नुरुल इस्लाम समेत तीन पर धोखाधड़ी और जालसाजी में केस दर्ज किया गया है। गलशहीद थाने में दर्ज कराए केस में राज्य कर अधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि शबाना परवीन ने 2011 में अपने एकल स्वामित्व की फर्म पैराडाइज कॉरपोरेशन को कर पंजीकरण दिलवाया था। इसके बाद जीएसटी लागू होने के बाद उन्होंने जीएसटी नंबर भी प्राप्त किया। विभागीय टीम सर्वे करने गई तो शबाना परवीन का बेटा नुरुल इस्लाम फर्म में मौजूद मिला। सर्वे में सामने आया कि फर्म द्वारा वास्तविक माल की खरीद बिक्री किए बिना फर्जी टैक्स चालान के आधार पर आईटीसी अर्जित किया गया। जांच में यह बात साबित हुई कि 2018-19 से 2022-23 तक कुल 4.49 करोड़ रुपये का बोगस आईटीसी क्लेम किया गया। इसी आधार पर वास्तविक आपूर्ति किए बिना टैक्स चालान जारी कर अन्य फर्मों को भी लाभ पहुंचाया गया।
राज्य कर विभाग ने फर्म पर 12.48 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया लेकिन वसूली संभव नहीं हो सकी। राज्य कर विभाग की जांच में यह बात भी सामने आई कि फर्म मालिक शबाना परवीन ने अन्य सप्लायर और खरीदारों की फर्मों के साथ मिलकर फर्जी बिल तैयार किए हैं। इन लोगों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर शबाना परवीन, नुरुल इस्लाम और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।