उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के शाहबाद इलाके में शादी समारोह में बिना अनुमति लिए हो रहे कलाकारों के डांस को बंद कराने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को करीब पचास मीटर तक दौड़ा लिया।
ग्रामीणों के हमले में एक सिपाही के सिर में चोट आई है। इस मामले में पुलिस ने 52 नामजद समेत 150 अज्ञातों पर रिपोर्ट दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सैफनी चौकी क्षेत्र के किशनपुर गांव निवासी अमीर आलम की बरात शनिवार को जानी थी। शादी से एक दिन पूर्व शुक्रवार की रात को गांव में ही अमीर आलम द्वारा घर के आगे कलाकारों को बुलाकर फिल्मी गानों पर डीजे बजाकर डांस करवाया जा रहा था।
इस दौरान पुलिस के दो सिपाही मौके पर पहुंचे। उन्होंने आचार संहिता व कोविड गाइडलाइन का हवाला देते हुए बिना अनुमति हो रहे डांस कार्यक्रम को बंद करने को कहा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों की पुलिस कर्मियों से बहस हो गई। कहासुनी बढ़ने पर ग्रामीणों ने दोनों सिपाहियों के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें दौड़ा लिया।
इसके लगभग एक घंटे के बाद सैफनी पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को डांस कार्यक्रम बंद करने की बात कहते हुए लाठी भांजकर हटाना शुरू कर दिया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया।
लाठी-डंडे लेकर आए ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को दौड़ा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव भी करना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। इसमें सैफनी चौकी पर तैनात एक सिपाही सुधीर कुमार घायल हो गया।
साथ ही पथराव में पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। मौके से भागे पुलिस कर्मियों ने उच्च अधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के आने की सूचना पर ही दूल्हा अमीर आलम परिवार सहित गांव से जंगल की ओर फरार हो गया।
पुलिस ने इस मामले में 52 को नामजद कर 150 अज्ञातों के खिलाफ कोरोना महामारी अधिनियम, बलवा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने व धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दूल्हा फरार, नहीं गई बरात
किशनपुर गाव में डांस के दौरान हुए बवाल के बाद दूल्हा अपने परिवार के साथ फरार हो गया। शनिवार को उसकी बारात जानी थी, लेकिन इस घटना के बाद बारात नहीं गई।
तीन साल पहले इसी गांव में लेखपालों पर हुआ था हमला
तीन साल पूर्व इसी गांव में पैमाइश करके लौट रहे तीन लेखपालों पर खनन माफिया ने धारदार हथियार से हमला किया था। वारदात में तीनों लेखपाल घायल हुए थे। लेखपालों की ओर से चार लोगों को नामजद कर कई अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मामले में सरकारी कार्यों में बाधा डालने, बलवा, धारा 144 और कोविड नियमों का उल्लंघन करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिपाही के साथ हुई मारपीट की घटना को भी मुकदमे में शामिल किया जाएगा। - श्रीकांत प्रजापति, सीओ, मिलक