मुरादाबाद। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र से अगवा की गई सिपाही की पत्नी को छोड़ने के बदले आरोपियों ने पांच लाख रुपये की रंगदारी में मांगी है। पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से गुरुवार को मुख्य आरोपी के साथी नदीम को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार शाम पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मुख्य आरोपी और सिपाही की पत्नी की तलाश में जुटी है।
मूलरूप से मेरठ निवासी सिपाही मुरादाबाद में तैनात है। वह परिवार के साथ सिविल लाइंस क्षेत्र में रहता है। 26 जनवरी को सिपाही ने सिविल लाइंस थाने में कटघर थाना के दस सराय लाल नगरी निवासी प्रॉपर्टी डीलर आसिफ पाशा समेत आठ के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। जिसमें सिपाही ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसकी पत्नी को अगवा कर ले गए हैं। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी बीच सिपाही ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसकी पत्नी को छोड़ने के बदले में पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। पुलिस ने गुरुवार को सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी आसिफ पाशा के साथी सिविल लाइंस के जिगर कालोनी निवासी नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी योगेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कबूला है कि वह अपहरण के दौरान आसिफ पाशा के साथ मौजूद था और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने में भी वह शामिल रहा है। निरीक्षक ने बताया कि गुरुवार शाम पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मंगलवार को कचहरी पहुंची थी महिला
मुरादाबाद। पुलिस ने केस में सिपाही की पत्नी को भी आरोपी बनाया है। जिसमें आरोप है कि महिला ने धमकी दी थी कि वह सिपाही को सबक सिखाएगी। उसने आरोपियों को उकसाया था कि वह उसके पति से पांच लाख रुपये की मांग करें। मंगलवार को भी महिला आरोपी के साथ कचहरी पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस ने कचहरी में घेराबंदी कर आरोपी और महिला को पकड़ने की कोशिश की थी। इसी दौरान महिला बुर्का पहनीं महिलाओं की आड़ लेकर वहां से भाग गई थी।
आरोपी की पैरवी में विधायक ने किया फोन
मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ पाशा के दोस्त नदीम को गिरफ्तार किया तो नेता भी उसे छुड़वाने के लिए पैरवी में जुट गए। पुलिस सूत्रों का दावा है कि एक विधायक के नाम से भी थाना प्रभारी के पास कॉल आई थी और आरेेपी नदीम को छोड़ने के लिए पैरवी की गई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी का चालान कर उसे जेल भेज दिया गया है।