स्वास्थ्य विभाग ने जिसे गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल लाकर डिलीवरी करवाने की जिम्मेदारी सौंपी, वही आशा डिलीवरी के बाद नवजात का सौदा कराने में लग गई। महिला अस्पताल में कटघर के मकबरा निवासी आशा ने स्थानीय दंपती से 1.5 लाख रुपये में नवजात का सौदा कर लिया।
उसने अगवानपुर निवासी निसंतान दंपती को बच्चा बेच भी दिया, लेकिन जब रुपये बच्चे के परिवार तक नहीं पहुंचे तो उन्होंने हंगामा कर दिया। इसके बाद वे बच्चा वापस लेने की मांग पर अगवानपुर पहुंच गए। वहां आशा व बच्चा खरीदने वाले को पंचायत में पेश किया गया।
पंचायत ने आशा और बच्चा खरीदने वाले दंपती पर जुर्माना लगाया और बच्चा वापस कराया। मामला सोमवार 22 अप्रैल का है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी तक नहीं हैं। इस तरह कुछ आशाएं हर रोज विभाग की छवि को बट्टा लगी रही हैं।
अच्छी परवरिश का लालच देकर बिकवाया था मासूम
आशा ने महिला अस्पताल में प्रसव के बाद कटघर निवासी दंपती को लालच दिया कि तुम्हारे बच्चे की अच्छी परवरिश हो जाएगी। बदले में तुम्हें डेढ़ लाख रुपये भी मिल रहे हैं। इस पर लालच में आकर बच्चे के पिता ने उसका सौदा कर दिया। आशा ने निसंतान दंपती को अस्पताल में बुला लिया।
यहां उन्होंने बच्चे के पिता को एक लाख छह हजार रुपये दिए। बाकी धनराशि एक महीने में देने का वादा किया। रुपये नहीं मिले तो पिता ने आशा से बच्चा वापस कराने के लिए कहा लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद दंपती सोमवार को अगवानपुर आ गए। यहां पंचायत के हस्तक्षेप से मामला सुलझा।
कटघर का एक परिवार स्थानीय व्यक्ति के जरिये शिकायत लेकर पहुंचा था। उन्होंने बताया कि आशा ने बच्चे का सौदा करवाया है। पैसा उन तक नहीं पहुंचा और बीच में ही गायब कर दिया गया। पंचायत में सभी के सामने बच्चे को उसके मामा-पिता को दिला दिया गया है।
- गुलरेज खान, चेयरमैन अगवानपुर