मुरादाबाद। जिला अस्पताल में शनिवार को मरीजों की बढ़ती भीड़ से इमरजेंसी और सभी वार्ड फुल हो गए। मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन को स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित बेड को जनरल वार्ड में बदलना पड़ा। चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि अस्पताल की क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं।
शनिवार को ओपीडी में 1800 मरीज पहुंचे। सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। ओपीडी ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी में भी मरीजों को इंतजार करना पड़ा। सुबह सात बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक इमरजेंसी में 93 मरीज भर्ती किए गए। दिनभर में 130 मरीज भर्ती हुए। स्थिति यह रही कि जितनी देर में चिकित्सक एक मरीज को अडेंट करते थे, उतनी देर में दो मरीज लाइन में खड़े नजर आते। दोपहर तक इमरजेंसी, फीवर वार्ड सहित सभी प्राइवेट वार्ड भी फुल हो गए। इसके बाद भी मरीजों की भीड़ को देखकर जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रथम तल पर स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित किए गए दस बेड को जनरल वार्ड में तब्दील कर दिया। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए कोल्ड रूम को चार बेड का वार्ड बनाया। इसके अलावा सारी वार्ड में भी छह बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को दो मरीजों में लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की आशंका में आरटीपीसीआर जांच करवाई गई। हालांकि दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
276 बेड पर भर्ती 293 मरीज
जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए 220 बेड स्वीकृत हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए 276 बेड की व्यवस्था कर रखी है। इसके बावजूद शनिवार को अस्पताल में 293 मरीज भर्ती थे। इसमें बुखार के 54 मरीज भर्ती हैं। कई बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े। वहीं बच्चा वार्ड में 32 बेड की सुविधा है, जिन पर 35 बच्चे भर्ती हैं। चिकित्सकों के अनुसार रात के समय ज्यादा परेशानी होती है।
सभी के अवकाश निरस्त
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसलिए अग्रिम आदेशों तक सभी चिकित्सकों व स्टॉफ की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं। चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि संविदा और स्थायी दोनों को मिलाकर 42 डॉक्टर व अन्य स्टॉफ तीनों शिफ्टों में काम कर रहे हैं। किसी को भी विशेष परिस्थितियों में ही छुट्टी दी जाएगी।
वर्जन...
मरीजों को उपचार में कोई परेशानी न आए, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। अभी अस्पताल में कोई भी स्वाइन फ्लू का मरीज भर्ती नहीं है। इसलिए एहतियात के तौर पर अन्य मरीजों को सुविधा देने के लिए स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित दस बेड को जनरल वार्ड बनाया गया है। हालांकि शाम में इमरजेंसी में चार मरीजों की छुट्टी होने की वजह से वह बेड खाली हो गए हैं। -डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल