फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुद को एसओजी बताकर लूटपाट करने वाले गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। पुलिस की नाक तले मिगलानी सिनेमा के पास एसओजी बनकर उत्तराखंड के चार लोगों को लूटने वाले दोनों लुटेरे धरे गए। दोनों ने 17 जनवरी की रात को उत्तराखंड के चार लोगों से पूछताछ के नाम पर करीब 1700 रुपये और मोबाइल लूट लिए थे। शक होने पर पीड़ितों ने आरोपियों की बाइक का नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दी थी। इसी नंबर से छानबीन करते हुए पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। इनमें से एक दिहाड़ी पर पशु कटान का काम करता है जबकि दूसरा ऑटो चालक है। पुलिस ने दोनों को लूटी रकम, वारदात में इस्तेमाल बाइक और तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

इंस्पेक्टर गलशहीद ने बताया कि 17 जनवरी की रात को उत्तराखंड के चार लोग दिल्ली से मुरादाबाद पहुंचे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे जैसे ही यह लोग गलशहीद थाना क्षेत्र में मिगलानी सिनेमा से आगे भारत पेट्रोलियम गोदाम के पास पहुंचे तो आरोपियों ने इन्हें रोक लिया। पल्सर बाइक पर पहुंचे दोनों आरोपियों ने खुद को एसओजी से बताते हुए चारों से पूछताछ शुरू कर दी। शक होने पर पीड़ितों ने जब इनके बारे में जानना चाहा तो तमंचा निकालकर दोनों ने उन्हें डराया धमकाया। जेल भेजने और गोली मारने की धमकी देते हुए आरोपियों ने चारों यात्रियों से 1760 रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। एक यात्री ने बाइक का नंबर नोट कर लिया था। लुटेरों ने जाने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर छानबीन करते हुए आरोपी गुलनवाज (21) पुत्र स्व. यामीन निवासी बकरी का हाथा असालतपुरा और अदनान (20) पुत्र शफीक निवासी इस्माईल रोड मोहल्ला असालतपुरा को गिरफ्तार कर लिया। गुलनवाज पशु कटान का काम करता था। गलशहीद में कटान बंद होने से वह लूटपाट करने लगा था। पुलिस के मुताबिक अदनान आटो चलाता है। घटना के बाद अपनी पहचान छुपाने के लिए अदनान और गुलनवाज ने बाल कटा लिए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, रकम और घटना में इस्तेमाल तमंचा व बाइक बरामद कर ली है।
छह से अधिक घटनाओं को दिया अंजाम
मुरादाबाद। गलशहीद पुलिस का कहना है कि एसओजी बनकर लूटपाट करने वाले गुलनवाज और अदनान पिछले एक महीने में छह से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। दोनों संभल चौराहा, रामपुर रोड और आसपास के इलाके में दिन ढले खडे़ हो जाते थे। मौका देखकर इधर से गुजरने वाले लोगों को पूछताछ के नाम पर रोकते थे। इसके बाद जेल भेजने की धमकी देकर रकम एेंठते थे। जो इनके झांसे में नहीं आते थे उन्हें तमंचा दिखाकर लूट लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें