मुरादाबाद। 2015 के पंचायती राज के एक मामले में पुनर्मतगणना का आदेश पारित करने के लिए एसडीएम सदर श्रद्धा शाण्डिल्यायन के कार्यालय में जाकर एक युवक ने उनको 50 हजार रुपये की घूस देने की कोशिश की। एसडीएम ने आरोपी को कार्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों से पकड़वा दिया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया तो वह बीमार होेने की बात कहने लगा। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। एसडीएम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को चालान कर आरोपी को बरेली स्थित कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मंगलवार सुबह करीब साढे़ दस बजे एसडीएम सदर अपने कार्यालय में जनता दर्शन के लिए बैठी थीं। इस दौरान ही एक युवक आफिस में आया। उसने एसडीएम से कहा कि आपके न्यायालय में पंचायतराज अधिनियम का 2015 का एक वाद विचाराधीन है। जो कि वीरपुर थान निवासी आसमां बेगम बनाम अफसाना का है। इस वाद में पुनर्मतगणना का आदेश कराना है। इसके लिए वह कुछ सुविधा शुल्क देना चाहता है। इतना कहने के बाद उसने अपने कोट की जेब से सफेद रंग का लिफाफा बाहर निकालकर एसडीएम की ओर बढ़ाते हुए कहा कि इसमें 50 हजार रुपये हैं। आदेश होने के बाद 50 हजार रुपये और दूंगा। आरोपी के इतना कहते ही एसडीएम ने तुरंत कार्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों को बुलाया और घूस देने की कोशिश कर रहे आरोपी को पकड़वा लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम अरशद निवासी वीरपुर थान बताया। इसके बाद उसके कब्जे से लिफाफा लेकर चेक किया गया तो उसमें 50 हजार रुपये भी मिले। इसके बाद एसडीएम ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी अरशद को हिरासत में लिया। हिरासत में लेते ही आरोपी ने बीमार होेने की बात कही तो उसका जिला अस्पताल में चेकअप करवाया गया। एसएचओ सिविल लाइन ने बताया कि एसडीएम की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा आठ के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।