फाजिल
आरोपी फाजिल अनपढ़ है और वह अपने गांव में थोड़ी सी जमीन पर खेती करता है। करीब 5-6 साल पहले वह अपने रिश्तेदारों के माध्यम से जमीर के संपर्क में आया। इसके बाद उसने जमीर से अवैध हथियार खरीद कर दिल्ली में सप्लाई करना शुरू कर दिया।
जमीर
रामपुर आरोपी जमीर ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए छोटी-मोटी नौकरी करने लगा। 5-6 साल पहले वह मुरादाबाद के इलियास के संपर्क में आया। तब से जमीर ने इलियास से अवैध हथियार खरीद कर आगे सप्लाई करना शुरू कर दिया था।
इलियास
कटघर थाने का हिस्ट्रीशीटर इलियास ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। अपने पिता के साथ पीतल के काम में लग गया। छोटी उम्र में ही उसने स्थानीय कारीगरों से गोला-बारूद बनाने की तकनीक सीख ली थी। करीब 20 साल पहले वह गोला-बारूद बनाने के अवैध धंधे में शामिल हो गया था। उसे पहली मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस से बचने को किराये का मकान लेकर चला रहा था फैक्टरी
कटघर थाने का हिस्ट्रीशीटर 65 वर्षीय इलियास बहुत शातिर है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन के लिए अभियान चलाया तो उसने एक दिव्यांग का मकान किराये पर ले लिया था। इसके बाद आरोपी ने इसी मकान में अवैध कारतूस और हथियार बनाने शुरू कर दिए थे। पुलिस उसके घर सत्यापन करने जाती तो वह घर में मिलता था लेकिन पुलिस के जाने के बाद अपने काम में जुट जाता था।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि इलियास कटघर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ अलग अलग थानों में केस दर्ज है। मुगलपुरा थाने में गैंगस्टर में भी उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया था।
दिल्ली पुलिस ने की कर्रवाई, कटघर पुलिस को नहीं लगी भनक
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने मुरादाबाद में बड़ी कार्रवाई है। दिल्ली में पकड़े गए कारतूस सप्लायर के जरिए पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुरादाबाद पहुंची और अवैध कारतूस और हथियार बनाने की बड़ी फैक्टरी पकड़ ली लेकिन कटघर थाने की पुलिस हिस्ट्रशीटर का सत्यापन तो करती रही लेकिन उसकी गतिविधियों को सही से चेक नहीं कर पाई। यह सत्यापन कागजों में चल रहा था यहां पुलिस कर्मी मौके पर जाते थे। यह तमाम सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।