मुरादाबाद। पीतल कारोबारी की 21 साल की बेटी अरीबा ने सिर्फ डिजिटल लॉक खोलकर डकैती ही नहीं डलवाई थी, बल्कि मुख्य साजिशकर्ता भी रही। साधारण परिवार से जुड़े प्रेमी अरशद से शादी में गरीबी आड़े न आए, इसके लिए करोड़ों की डकैती की साजिश रची गई। इससे पहले भी वह धीरे-धीरे अरशद को लाखों रुपये दे चुकी थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अरशद और अरीबा ने बताया कि 2018 में दोनों के बीच दोस्ती हुई थी। उस वक्त अरशद दिल्ली रोड स्थित आईएफटीएम विश्वविद्यालय से बीफार्मा कर रहा था। वहां अरीबा की एक रिश्ते की बहन भी पढ़ रही थी। बहन ने ही अरीबा और अरशद के बीच दोस्ती कराई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन, फेसबुक और व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम के जरिये बातचीत शुरू हो गई। अरीबा अरशद से शादी करना चाहती थी लेकिन अरशद उसके नाबालिग होने की बात कहकर टाल देता था।
दो साल पहले अरीबा बालिग हो गई थी। इसके बाद अरीबा ने उस पर शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अब अरशद नया गेम खेलने लगा था। उसने अपनी बिरादरी अलग होने के साथ ही बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है। उसका परिवार हमारी शादी के लिए तैयार नहीं होगा। जिस पर अरीबा ने उसे हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।
बीच बीच में उसने अरशद को अपने घर से लाखों रुपये भी दिए लेकिन वह उन रुपयों को खर्च कर देता था। इसके बाद दोनों भाग कर शादी करने की योजना बना ली थी लेकिन इससे पहले अरीबा अरशद को करोड़पति बनाना चाहती थी। ताकि परिवार के विरोध में जाकर शादी करें तो उनके सामने आर्थिक संकट न आए। करीब छह माह से अरीबा अपने घर में आने वाली रकम की पल पल की जानकारी अरशद को देती थी। उसने ही बताया कि रविवार को उसके घर में करोड़ों रुपये आएंगे। इस रुपयों से अपनी अच्छी जिंदगी बताएंगे। आरोपी ने घर में रखे नोटों के फोटो भी अरशद को भेजे थे।
कॉलेज के दोस्तों की मदद से बनाया गैंग
मुरादाबाद। अरीबा ने घर में रखे नोटों की फोटो अरशद के पास भेजी तो अरशद ने अपने कॉलेज के दोस्त कुलदीप से संपर्क किया। उसने बताया कि उसकी प्रेमिका के घर में बहुत रुपये रखे हैं। आने जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। घर में रुपये रखे मिल जाएंगे और आसानी से भाग जाएंगे। इसके बाद कुलदीप ने अपने ममेरे भाई रवि से संपर्क किया। दोनों के पास कार थीं। कुलदीप के ऑफर को रवि ने तुरंत स्वीकार कर लिया। रवि ने अपने परिचित निक्की से अरशद और कुलदीप से बात कराई। निक्की ने अपने साथ अन्य लोगों को जोड़ लिया। इसके बाद करीब 10 लोगों का गैंग तैयार किया गया। इसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया।