बिलारी। नगर के मोहल्ला अंसारियान पूर्वी के जंगल में स्थित वली मोहम्मद मियां और महमूद शाह मियां की दरगाह पर वार्षिक उर्स शुरू हो गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी कर दुआएं मांगी और कव्वाल पार्टियों ने अपने कलाम पेश किए।
दरगाह पर उर्स की शुरुआत तिलावते कलामे पाक और मीलाद शरीफ से हुई। मिलाद शरीफ में मौलाना मोहम्मद आजम ने तकरीर करते हुए कहा कि सूफी संतों और बुजुर्गों ने हमेशा आपसी भाईचारे और सौहार्द की मजबूती का संदेश दिया तथा हमें अदब और तहजीब सिखाई। उन्होंने कहा कि मुसलमान कुरआन-ए- पाक की हिदायतों को माने और रसूले अकरम की सुन्नतों पर अमल करें।
उर्स आयोजन के उपलक्ष्य में चंदौसी, संभल और रामपुर से आईं कव्वाल पार्टियों ने दरगाह पर अपने कलाम पेश किए। कव्वाली सुनने बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। उधर, बिलारी नगर के अलावा निकटवर्ती हरोरा, बीरमपुर, घनियाखेड़ा,मिलक नगलिया, ग्वारखेड़ा धर्मपुर कलां आदि ग्रामों से बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी कर अपनी हाजिरी दी और दुआएं मांगीं। दरगाह पर उर्स की व्यवस्थाओं में कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल, अरमान अली, मोहम्मद यूनुस, राहतजान, मुनाजिर हुसैन, मोहम्मद यामीन, मोहम्मद जुबैर, मुमताज हुसैन, इंतेजार हुसैन, जहीर हुसैन, नासिर सैफी, नूर मोहम्मद सैफी, रशीद अहमद अंसारी आदि का सहयोग रहा। उर्स में बड़ी संख्या में महिला अकीदतमंद भी पहुंची। इस दौरान अकीदतमंदों को तबर्रुख भी बांटा गया।
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