मुरादाबाद। क्या आपके इलाके में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है, कोई कटौती नहीं हो रही है। विभाग का तो यही दावा है। शहर में 24 घंटे बिजली मिल रही है। जबकि हकीकत आप भी रूबरू हैं। शहर के करीब-करीब सभी इलाकों में रोजाना तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। लोग गर्मी में परेशान हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के फोन तक नहीं उठ रहे हैं। पावर कार्पोरेशन को 24 घंटे बिजली सप्लाई की रिपोर्ट भेजकर अधिकारी नंबर बढ़ाने में लगे हैं।
सिर्फ मंगलवार की बात करें तो कांशीराम नगर के बड़े हिस्से में सुबह पांच बजे से शाम चार बजे तक बिजली गुल रही। करीब 10 हजार लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि उन्होंने जेई को फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। कुछ लोगों के घरों में एलपीजी गैस न होने के कारण इंडक्शन चूल्हे भी नहीं चल पाए। लोगों के घरों के इनवर्टर भी ठप हो गए। विद्युत निगम ने शटडाउन की कोई सूचना भी नहीं दी थी। इसी तरह बुध बाजार, डबलफाटक, कांशीराम नगर, कानून गोयान, पीतलबस्ती, गोविंदनगर समेत कई कॉलोनियों में बिजली व्यवस्था ने लोगों को छकाया। कानून गोयान में हाथी वाला मंदिर के पास मंगलवार को लोग दिनभर ट्रिपिंग से परेशान रहे। बुद्धि विहार और मानसरोवर में दो दिन से बिजली की ट्रिपिंग ने लोगों को बेहाल कर रखा है। ओवरलोडिंग के कारण शहर के कई ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं। एक दिन पहले ही जिला और महिला अस्पताल में 12 घंटे बिजली गुल रहने से लोगों ने परेशानी झेली। इसके बावजूद विद्युत निगम का दावा 24 घंटे बिजली आपूर्ति का है।
मंगलवार को कहां कितनी कटौती
लाइनपार मंडी समिति - तीन घंटे
बुद्धि विहार - चार घंटे
गुरहट्टी - तीन घंटे से अधिक
बुध बाजार - दोपहर में कई बार ट्रिपिंग
कांशीराम नगर - 11 घंटे
मियां कॉलोनी - दो घंटे
मानसरोवर कॉलोनी - तीन घंटे
कानून गोयान - हर दो घंटे में बिजली कटौती
पीतल बस्ती - दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक
लोगों बोले
सुबह पांच बजे से बिजली काट दी गई और शाम को चार बजे आई। इतने समय में इनवर्टर भी डाउन हो गया। बिजली न होने से मोटर नहीं चली और पीने का पानी नहीं भर सके।
- राहुल खन्ना
आए दिन कांशीराम नगर में घंटों बिजली कटौती होती है। शिकायत करो तो कोई फोन नहीं उठाता। 1912 पर कॉल करो तो वहां से भी स्थानीय जेई का नंबर दे दिया जाता है। अब किस्से शिकायत करें।
- एसके शर्मा
मानसरोवर में दो दिन से बिजली बहुत परेशान कर रही है। पूरे दिन में कई बार कटौती होती है। पहले से कोई सूचना भी नहीं दी जाती है। आज भी पूरे दिन में करीब तीन घंटे कटौती हुई।
- डॉ. अर्चना अग्रवाल
बुद्धि विहार में बिजली कटौती आम बात हो गई है। कभी मेंटिनेंस के नाम पर, कभी फाल्ट के नाम पर आए दिन बिजली काट दी जाती है। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। आज भी दोपहर में हर दो घंटे में कटौती हुई है।
- अर्चित
पीतलबस्ती बिजलीघर से जुड़े इलाकों में आए दिन बिजली घंटों गायब रहती है। मैं डबल फाटक क्षेत्र में रहता हूं। आज यहां पूरे दिन में महज छह-सात घंटे बिजली आई है। बाकी ट्रिपिंग ने बेहाल कर रखा है।
- अरुण प्रजापति
जब कहीं फाल्ट होता है तो शटडाउन लेकर मरम्मत करनी पड़ती है। इसके अलावा मेंटिनेंस की सूचना लोगों को दी जाती है। अन्य किसी कारण से बिजली कटौती नहीं होती है। हम अपनी ओर से 24 घंटे आपूर्ति दे रहे हैं। फाल्ट होना अलग बात है।
- प्रशांत कुमार, अधीक्षण अभियंता
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दावा : मार्च में शहर को 744 घंटे की जगह 738 घंटे मिली बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। पिछले एक हफ्ते से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली को लेकर हाहाकार मचा हुआ। कटाैती से लेकर बिलबिला उठे लोग सड़कों पर उतर आए। लेकिन सीएम डैश बोर्ड की माने तो मार्च में आपूर्ति चकाचक रही। ग्रामीण क्षेत्रों में 558 घंटे की जगह 569 घंटे बिजली मिली। जबकि शहरी क्षेत्र में निर्धारित 744 घंटे की तुलना में 738 घंटे बिजली आपूर्ति हुई।
सीएम डैश बोर्ड पर मार्च की रैकिंग 10 अप्रैल को जारी की गई थी। डैश बोर्ड के रिकाॅर्ड के मुताबिक मार्च महीने शहरी क्षेत्र में 744 घंटे बिजली आपूर्ति निर्धारित की गई थी। इसकी तुलना में 738 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। जो निर्धारित आपूर्ति से सिर्फ छह घंटे कम है। ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में 558 घंटे बिजली सप्लाई निर्धारित की गई थी। लेकिन आपूर्ति इससे ज्यादा की गई। गांवों में 569 घंटे बिजली सप्लाई की गई। यह निर्धारित आपूर्ति से 11 घंटे अधिक है।