मुरादाबाद के गांधीनगर पब्लिक स्कूल में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में शपथ लेती छात्राएं और टी
मुरादाबाद। गांधी नगर पब्लिक स्कूल में बुधवार को अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स का आयोजन किया जा रहा है। जीवन में खेलों का महत्व विषय पर हुई कार्यशाला में बालिकाओं को खेलों को जीवन में अपनाकर अपराजिता बनने का आह्वान किया। इसके बाद शिक्षिकाओं और छात्राओं ने नारी गरिमा का साझा संकल्प लिया।
प्रधानाचार्य शशि शर्मा ने बताया कि बहुत सारे क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सोचा जाता है कि बालिकाएं खुद को सफल साबित नहीं कर सकती हैं। इस सोच को गलत साबित करने के लिए हमें चुनौतियों का सामना करना होगा। यह तभी संभव है, जब तेज शरीर और तेज दिमाग का संतुलन बना रहे। वर्तमान में दिमाग तेज हैं, लेकिन शरीर सुस्त है। शीघ्र थकान हो जाती है। खेल इस समस्या को आसानी से हल कर देते हैं और तुरंत फैसले लेने में सहायक होते हैं। सिर्फ प्रतियोगिताओं में शामिल होने के बजाय खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि अपराजिता बनने का मार्ग प्रशस्त हो सके। खेल शिक्षक अंकुर शर्मा का कहना है कि वर्तमान में बच्चे तकनीक के इस कदर आदी हो गए हैं कि माएं उनको मैदान में भेजने के लिए परेशान रहती हैं। ज्यादा तकनीक के इस्तेमाल से तनाव के साथ अन्य बीमारियां भी होती हैं, जबकि खेलों से शारीरिक, मानसिक, चरित्र, अध्यात्म, भावनात्मक तौर पर मजबूत होते हैं। उन्होंने दीपा मलिक, पीवी सिंधू, साइना नेहावाल, गीता फोगाट आदि जैसी सफल खिलाड़ियों का उदाहरण देकर खेलों को करियर के तौर पर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलों को अपनाने से पढ़ाई में भी बेहतर परिणाम मिलते हैं। खेल शिक्षक विपिन ने कहा कि खेलों का सबसे बड़ा फायदा है कि इससे व्यक्ति की अलग पहचान मिलती है। परिवार के अलावा उसके सामाजिक रिश्ते भी मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से सेना में जाने के साथ प्रशिक्षक, शारीरिक सलाहकार, शिक्षक और फीजियोथेरेपिस्ट आदि भी बन सकते हैं। इस दौरान विनीता जैन, रुचि पाराशर, रेनू रस्तोगी, मुस्कान सैनी, शैलजा गोस्वामी आदि मौजूद रहीं।