मुरादाबाद के बहुचर्चित भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड के मास्टर माइंड एवं असमोली ब्लॉक की प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर समेत 12 आरोपियों पर गैंगस्टर में कार्रवाई की है। इस मामले में बिजनौर के अफजलपुर थाना क्षेत्र के नवाबपुरा निवासी सतेंद्र सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख, केजीके कॉलेज और रेलवे में तैनात क्लर्क, तीन शूटर भी गैंग में शामिल किए गए हैं। संभल जिले के ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव अलिया नेकपुर निवासी भाजपा नेता अनुज चौधरी मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में रहते थे। 10 अगस्त की शाम अनुज अपने दोस्त के साथ सोसायटी परिसर में घूम रहे थे।
इसी दौरान बाइक सवार तीन शूटरों ने गोलियां बरसा कर भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या कर दी थी। उनके दोस्त पर भी फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने असमोली ब्लॉक प्रमुख के बेटे अनिकेत, उसके को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। इस मामले में 9 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे जबकि पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक और मोहित चौधरी पहले से ही जेल में बंद हैं।
एक आरोपी अभी फरार है। इस मामले में आरोपियों पर गैंस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है। संभल के हाजीबेड़ा निवासी अमसोली ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर सिंह, उसके बेटे अनिकेत, मझोला के ब्रह्मपुरी जयंतीपुर निवासी शूटर सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू, कटघर के भदौड़ा निवासी आकाश उर्फ गटुआ, अमरोहा के गजरौला के अवंतिका कॉलोनी आजाद नगर निवासी सुशील शर्मा उर्फ गोलू को आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा संभल के ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव भवालपुर निवासी केजीके कॉलेज क्लर्क अमित कुमार, उसके बड़े भाई मोहित चौधरी, पुष्पेंद्र, रेलवे हरथला कॉलोनी निवासी नीरज पाल, सिविल लाइंस के दीनदयाल नगर निवासी ललित कौशिक, सिविल लाइंस के प्रकाश एनक्लेव निवासी कमलवीर सिंह और अफजलगढ़ निवासी सतेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया है।
इस गिरोह का सरगना प्रभाकर सिंह है। जबकि अन्य आरोपी गैंग के सदस्य हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि गैंग लीडर समेत 11 आरोपी जेल में बंद हैं जबकि सतेंद्र सिंह फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है।
अनुज हत्याकांड का आरोपी शिक्षक निलंबित
भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड के साजिशकर्ता कमलवीर सिंह को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। आरोपी शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग मुरादाबाद में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। हत्याकांड में साजिशकर्ता के तौर पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बीएसए अजीत कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की है।