फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराधियों के सामने जब नहीं चला शस्त्र तो मुंह से निकाली 'ठांय-ठांय' की आवाज   

Fri, 19 Jul 2019 08:53 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संभल

सार

-जब अपराधी करते हैं जानलेवा हमला तब नहीं चलते पुलिस के शस्त्र, कैसे हो अपराध पर नियंत्रण
-बदमाशों के सामने पुलिस के शस्त्र न चलने के लिए पहले भी चर्चा में रहा है संभल जनपद 
 
विज्ञापन
यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संभल जनपद में यह दूसरा मौका है जब अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस कॉबिंग कर रही थी और पुलिस के शस्त्र धोखा दे रहे थे। अगर दूसरी ओर से अपराधी फायर कर दें तो पुलिस जान कैसे बचाए? यह सवाल उठना लाजिमी है।

विज्ञापन


पुलिस के शस्त्र न चलने की पहली घटना संभल जिले की बड़ी चर्चित है। जब दरोगा की पिस्टल नहीं चली तो उसने अपने मुंह से ठांय-ठांय की आवाज निकालकर बदमाशों को ललकारा था।

यह घटना असमोली थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर 2018 की है। इसके बाद अब संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को शाम दो सिपाहियों की हत्या के बाद भागे तीन अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस गुमथल में कॉबिंग कर रही थी।
विज्ञापन


ऐन मौके पर सिपाहियों के हथियार फेल हो गए और कॉबिंग के दौरान सिपाहियों ने जब फायरिंग के लिए रायफल उठाई तो फायर नहीं नहीं हुए। एक नहीं दो रायफलें दगा दे गईं। तीसरी रायफल से फायर हो सका। इसके बाद पुलिसकर्मियो ने गन्ने के खेत में बदमाश छुपे होने के अंदेशे में ताबड़तोड़ फायरिंग की। यह बात दीगर है कि कोई हाथ नहीं आ सका था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें