फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घुड़सवारी प्रतियोगिता में छाने को तैयार 'दक्ष' और 'ब्लैक ब्यूटी', 'राका' नहीं होगा शामिल

Sat, 16 Nov 2019 03:20 PM IST
शाहरुख खान अभिषेक सिंह, अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
घुड़सवारी प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एक बार फिर से यूपी में छाने के लिए दक्ष और ब्लैक ब्यूटी तैयार हैं। रोजाना इनको तैयारी कराई जा रही है। दरअसल ये दोनों यूपी पुलिस के इंडियन फेरो नस्ल जांबाज घोड़े है। 
विज्ञापन


दरअसल 19 से 22 नवंबर तक वार्षिक पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता हो रही है जिसमें यूपी के अलग अलग रेंज से घोड़ों की टीमें हिस्सा लेंगी। मुरादाबाद में होने जा रही इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले घोड़ों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलेगा।

घोड़ों की देखरेख की जिम्मेदारी संभाल रहे आरआई प्रेम बाबू ने बताया कि प्रतियोगिता में इस बार मुरादाबाद के कई घोडे़ हिस्से ले रहे हैं। इनमें मुख्य तौर पर दक्ष, मोंटीना, हीरो, रिमझिम, राठौर, ब्लैक ब्यूटी, स्वास्तिक, अनंत, परमवीर, रेनू, डायमंड और शेरू शामिल हैं। 
विज्ञापन


प्रतियोगिता के दौरान घोड़ों को पुलिस हार्स टेस्ट से भी गुजरना होगा, जिसमें चेक किया जाता है कि घोड़े पटाखे छूटने या फिर सामने किसी व्यक्ति के आ जाने पर डरते तो नहीं हैं।  दक्ष और ब्लैक ब्यूटी ऊंची ऊंची छलांग लगाने में माहिर हैं तो परमवीर, रेनू, डायमंड ट्रेंट पैगिंग प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर इनाम जीत चुके हैं। ट्रेंट पैगिंग प्रतियोगिता के दौरान घोड़ों की तालमेल देखी जाती है।
 
विज्ञापन

इस बार राका नहीं लेगा प्रतियोगिता में हिस्सा

आरआई ने बताया कि वार्षिक पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता में इस बार पुलिस अकादमी का राका घोड़ा हिस्सा नहीं लेगा, इसकी वजह राका की उम्र 16 वर्ष के पार हो गई है। प्रतियोगिता में इस बार शेरू और हीरो की परफार्मेंस पर भी नजर रहेगी। दोनों को ऊंची छलांग के लिए पूरी तरह तैयार किया जा चुका है।

ऐसे तैयार किए जाते हैं प्रतियोगिता के लिए घोडे़
घुड़सवारी प्रतियोगिता के लिए घोड़ों को तैयार करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। घोड़ों को रोजाना एक किलो चना, दो किलो जौ, एक किलो चोकर, 30 ग्राम नमक, 25 किलो हरी घास खिलाई जाती है। चना, जौ, चोकर और नमक को एक साथ मिलाकर उसे तीन भागो में बांट लिया जाता है।  जिसे सुबह, दोपहर और देर शाम को इनको खिलाया जताया है। खुराक देने के बाद घोड़ों की मालिस भी की जाती है।

छह माह से तीन साल तक दिया जाता है प्रशिक्षण
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए साढे़ तीन से पांच साल की उम्र के घोड़ों को खरीदा जाता है। इसके बाद उन्हें छह माह तक ट्रेनिंग दी जाती है। ड्रेसाज प्रतियोगिता के लिए घोडे़ तीन साल में तैयार होते हैं जबकि शो जंपिंग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक साल और टेंट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए छह माह में घोड़े को तैयार किया जाता है। इस दौरान लगातार उनकी देखरेख राइडर द्वारा की जाती है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें