लोधीपुर राजपूत में स्थित स्वास्थ्य विभाग के एएनएम सेंटर की जमीन पर बनी बाउंड्री रातोंरात किसी ने तोड़ दी है। ये वही एएनएम सेंटर है जिसकी बिल्डिंग 23 नवंबर 2014 को रातोंरात गायब हो गई थी। बिल्डिंग को जमीन पर कब्जे के लिए तोड़ा गया था। अब चारदीवारी तोड़ने की वजह भी यही मानी जा रही है। ग्राम प्रधान ने इस बाबत पाकबड़ा पुलिस को तहरीर दे दी है।
लोधीपुर राजपूत में एक यूनिवर्सिटी के दरवाजे पर स्वास्थ्य विभाग का प्राइमरी हेल्थ सेंटर था। जहां एएनएम बैठती थी। लेकिन 23 नवंबर 2014 की रात को यह बिल्डिंग रातोंरात गायब कर दी गई थी। बिल्डिंग को तोड़कर मलवा गायब करने के साथ ही रतोंरात जमीन को समतल करके उस पर टाइल्स बिछा दी गई थीं। फजीहत के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी लेकिन मामले को एनसीआर में दर्ज किया गया था।
हालांकि बाद में पुलिस ने एनसीआर को एफआईआर में तरमीम कर लिया था। लेकिन इसकी विवेचना अभी तक पूरी नहीं हुई है। अलबत्ता हेल्थ सेंटर की जमीन की उस वक्त स्वास्थ्य विभाग ने बाउंड्री करा दी थी। दावा नई बिल्डिंग बनाने का भी हुआ था लेकिन पूरा नहीं हो सका। अब हाईवे किनारे स्थित इस जमीन की बाउंड्री एक बार फिर तोड़ दी गई है।
इस बाबत लोधीपुर राजपूत के ग्राम प्रधान अनिल मलिक ने पाकबड़ा पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें प्रधान ने कुछ लोगों पर बाउंड्री तोड़ने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर पाकबड़ा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि बाउंड्री खुद टूट गई या फिर किसी ने तोड़ी है।