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दिल्ली जाने से रोके जाने पर भड़के किसान, स्वार-बिलासपुर मार्ग पर लगाया जाम

Tue, 15 Dec 2020 08:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
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किसानों ने लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
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रामपुर के स्वार में दिल्ली जाने से रोके जाने पर नाराज किसानों ने स्वार-बिलासपुर मार्ग पर जाम लगा दिया है। स्वार-बिलासपुर मार्ग पर जाम की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक किसानों का सड़क पर धरना-प्रदर्शन जारी था। 
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मंगलवार की दोपहर गांव माठखेड़ा, मिलकखानम, नबीगंज, अब्बासनगर, कोयली आदि क्षेत्र के किसान भारी संख्या में अपने वाहनों के साथ एकत्र होकर दिल्ली के लिए निकल पड़े। सूचना जैसे ही पुलिस प्रशासन को लगी तो एसडीएम यमुनाधर चौहान, पुलिस क्षेत्राधिकारी धर्म सिंह मार्छाल भारी पुलिस के साथ स्वार बिलासपुर मार्ग स्थित गांव रजानगर पहुंच गए। 

अधिकारियों ने किसानों के काफिले को रोक दिया, जिससे किसान आक्रोशित हो गए और अपने वाहनों से निकलकर स्वार बिलासपुर मार्ग पर बैठ गए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के मार्ग पर बैठ जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया और दोनों ओर कई वाहन जाम में फंस गए। अधिकारियों  ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान दिल्ली कूच करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में किसान जबरन अपने वाहनों के साथ स्वार की ओर चल पड़े। 
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जिन्हें पुलिस ने कोयली गन्ना सेंटर पर एक बार फिर रोक लिया। यहां पर भी किसान सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। वहीं पुलिस ने नगर में बिलासपुर तिराहे पर बिलासपुर वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर उन्हें दूसरे रास्तों से भेजा। किसानों के प्रदर्शन के दौरान अमरदीप सिंह, कुलदीप सिंह कुक्कू, खजान सिंह, लखविंदर सिंह, मोंटी सिंह, हैप्पी सिंह, गुरजीत सिंह, अक्षदीप सिंह, ईश्वर सिंह, हरि सिंह, सुखपाल सिंह, बलदेव सिंह, हरदीप सिंह, उस्मान खां, गुरबाज सिंह बग्गा आदि शामिल रहे। किसानों के न मानने पर पीएसी बल भी मौके पर पहुंच गया। इस दौरान कोतवाल आरएस बघेल सहित मिलक खानम, अजीमनगर पुलिस मौजूद रही। समाचार लिखे जाने तक किसानों का धरना जारी था।
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किसानों को मनाते रहे अधिकारी, नही माने किसान

अधिकारियों द्वारा किसानों को दिल्ली न जाने को मनाने के लिए बहुत जतन किए गए लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब वहां पहले से मौजूद उनके किसान भाई सर्दी में आंदोलन कर रहे हैं तो उनका साथ देने जाने से क्यों रोका जा रहा है। किसान शांति पूर्ण ढंग से ही अपना आंदोलन कर रहे हैं और वह भी शांति व्यवस्था बनाते हुए ही दिल्ली जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा उन्हें रास्ता न देने के कारण किसान लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

भोट में भी किसानों ने दो दिनों तक दिया था धरना
स्वार से पहले बिलासपुर क्षेत्र के किसानों को दिल्ली जाने से रोके जाने पर किसानों ने भोट के पास 40 घंटे तक लगातार धरना दिया था। भोट में किसानों का धरना गुरुवार की दोपहर से शनिवार की सुबह तक जारी रहा था। जिलाधिकारी के साथ किसानों की हुई बैठक के बाद भोट में धरना समाप्त करने का एलान किसानों ने किया था।
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