आंध्र प्रदेश के कारोबारी साई धीरज गुटलालपल्ली ने मझोला थाने में छह नामजद और दस अज्ञात के खिलाफ बीस लाख रुपये की रंगदारी, घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, एक लाख रुपये लूटने के आरोप में केस दर्ज कराया है। पीड़ित साई धीरज गुटलालपल्ली ने दर्ज कराए केस में बताया कि वह वह आंध्र प्रदेश के चंद्र मोली नगर के रहने वाले हैं।
साई धीरज का कहना है कि वह पांच साल पहले अमेरिका में जॉब करते थे। वहां मुरादाबाद निवासी अजय आनंद से मुलाकात हुई थी। अजय आनंद ने उन्हें सलाह दी कि वह मुरादाबाद में फैक्टरी बना लें। अजय आनंद ने अपने भाई रजत से भी मुलाकात करा दी। साई धीरज का कहना है कि वह विदेश से नौकरी छोड़कर मुरादाबाद आ गए।
आरोपी ने फैक्टरी लगाने के लिए देवीपुरा एतमाली में 1950 वर्ग मीटर का एक प्लॉट दिखाया। प्लॉट का भुगतान पीड़ित ने कर दिया। साई धीरज को बाहर होना बताकर आरोपी ने प्लॉट का बैनामा अपने नाम करा लिया। इस प्लॉट पर फैक्टरी बना ली गई। इसके बाद रजत ने एक मकान खरीद लिया और अजय आनंद ऑफिस के लिए बिल्डिंग अपनी मां के नाम पर लीज पर दिला दी।
पीड़ित का आरोप है कि रजत आए दिन व्यापार में धोखाधड़ी करने लगा। पीड़ित ने हिसाब मांगा तो आरोपी ने उन्हें धमकाने शुरू कर दिया। आरोप है कि 10 सितंबर 2025 को रजत, उसकी बहन मधु, अवनीश अपने साथ 10 लोगों को साथ लेकर पीड़ित को धमकाया। ऑफिस के कैमरे, वाईफाई समेत अन्य सामान तोड़ दिए।
पुलिस के आने पर आरोपी माफी मांग कर भविष्य में ऐसा न करने का विश्वास दिलाया। आरोप है कि इसके बाद अजय आनंद ने कॉल की और 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। 24 सितंबर 2025 की देर रात आरोपी मधु, रजत, अवनीश की पत्नी सुमन, बेटा समेत अन्य लोग घर में घुस आए।
आरोप है कि इस दौरान अजय आनंद वीडियो कॉल के जरिए इन लोगों को इशारा दे रहा था। आरोपियों ने साई धीरज के साथ मारपीट की और मकान से सामान व एक लाख रुपये लूटकर भाग गए। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।