मुरादाबाद। आयकर के एक अधिनियम से छोटे व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। यदि कोई व्यवसायी अपना कारोबार इलेक्ट्रानिक्स रूप में रखता है तो उसको सभी रिकार्ड आयकर को उपलब्ध कराना होगा।
जोनल टैक्स बार एसोसिएशन की एक बैठक रामगंगा विहार स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। इस दौरान आयकर के अधिनियम 46(8) पर अधिवक्ताओं ने चर्चा की। अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने बताया कि यदि कोई व्यवसायी अपनी बुक ऑफ अकाउंट इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखता है, तो उसे: सभी रिकॉर्ड हर समय आयकर को बताने के लिए उपलब्ध कराने होंगे। उनका बैकअप भी देश में सर्वर पर रखना होगा। प्रत्येक कार्य दिवस के अंत में उसे प्रत्येक दिन अप़डेट करना होगा। यह नियम पिछले एक अप्रैल से लागू है। टीडीएस ऐसी व्यवस्था है, जिसमें भुगतान करने वाला व्यक्ति भुगतान करते समय निर्धारित दर से कर काटकर सीधे केंद्र सरकार के खाते में जमा करता है। भुगतान प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपने आईटीआर में इस टीड़ीएस का क्रेडिट लेकर अंतिम कर समायोजित कर सकता है। टीडीएस नहीं काटा या देर से काटा तो एक प्रतिशत प्रति माह से ब्याज भुगतना होगा। टीडीएस काट लिया लेकिन सरकार के खाते में देर से जमा किया तो 1.5 प्रतिशत प्रति माह या उसके भाग पर ब्याज लगेगा | टीडीएस देर से दाखिल करने पर 200 रुपये प्रति दिन की फीस लगेगी। अधिकतम फीस टीडीएस की कुल राशि तक सीमित रहेगी। बैठक की अध्यक्षता सैय्यद आरिफ अली एवं संचालन अनुज गुप्ता ने किया। बैठक में दीपक अग्रवाल , दीपक कुमार गुप्ता ,वैभव गुप्ता , गुफरान माजिद , शाहवेज मालिक ,विपिन कुमार, आशीष कपूर, राजदीप गोयल,मनीष कालरा ,तारिक अज़ीम , प्रतीक गोयल आदि मौजूद थे।