कस्बे में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्तों के हमले से लोग घायल हो रहे हैं। हालात यह हैं कि सोमवार को कुछ ही घंटों में खूंखार कुत्तों ने आठ लोगों को काट लिया। जबकि नए और पुराने 28 लोगों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना पड़ा। लगातार बढ़ रही घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है।
कस्बे के मोहल्ला पापड़ी तालाब में आवारा कुत्तों का सबसे अधिक आतंक बताया जा रहा है। शनिवार दोपहर कुत्तों ने मोहल्ला निवासी शहाना समेत दो लोगों पर हमला कर उन्हें हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में काटकर घायल कर दिया। इसी दौरान मोहल्ले में घर से जा रहे आठ वर्षीय मासूम पर भी कुत्तों का झुंड झपट पड़ा।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे कुत्तों से बचाया। इसके अलावा मोहल्ला शाहफरीद निवासी मौलाना अजहर और फैजान को भी कुत्तों ने काट लिया। वहीं मोहल्ला फकरपुरा निवासी मोअज्जम भी कुत्तों के हमले में घायल हो गया।
अचानक हुए इन हमलों से मोहल्लों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन घायलों को नौगावां सादात सीएचसी और अमरोहा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। सीएचसी में सोमवार को कुल 28 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
स्थानीय निवासी शहजाद अब्बास ने बताया कि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों के सामने अक्सर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। वहीं मोहम्मद हादी ने कहा कि रात के समय दोपहिया वाहनों के पीछे कुत्ते दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटना और काटने का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों ने नगर पंचायत से आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।