निकाह के प्रोग्राम सुन्नते नबव्वी के मुताबिक नहीं हो रहे हैं। यही वजह है कि निकाह में बरकत नहीं रहती और मियां बीवी में आपसी झगड़े बढ़ते चले जाते हैं। बात कोर्ट-कचहरी एवं खुदकुशी तक पहुंच जाती है। लिहाजा निकाह में खुराफात पूरी तरह बंद होने चाहिए।
नगर के मोहल्ला कुरैशीयान मस्जिद के खतीब व इमाम मुफ्ती फैजान रजा नईमी ने जुमे की नमाज से पहले नमाजियों को खिताब फरमाते हुए कहा कि अल्लाह के रसूल मौहम्मद साहब की हदीस है कि निकाह को आसान करो। लेकिन आज के दौर में लोगों ने निकाह को मुश्किल बना दिया है।
फिजूलखर्ची करते हैं। डीजे, बैंड बाजा, शराब नौशी आदि नाजायज व हराम रसूमात को अंजाम देते हैं। एलान किया जाता है कि जिस शादी ब्याह में बैंड बाजा, डीजे आदि नाच गाने शराब नौशी आदि गलत, नाजायज व हराम रसूमात को अंजाम दिया जाएगा। उस शादी में शरीक नहीं होऊंगा और उस शादी में न ही निकाह पढ़ाऊंगा।
नमाजियों से भी गुजारिश की कि ऐसे शादी ब्याह की दावत हरगिज कबूल न करें जिनमें नाच गाना और शराब नौशी आदि हो। मुफ्ती साहब ने नमाजियों को हाथ उठाकर इस बात का हलफ भी दिलाया कि हम सभी लोग गलत रसूमात रोकने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।