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Moradabad: ई बस परिचालकों को तीन माह से वेतन नहीं, विरोध में खड़े कर दिए वाहन, असफरों को दिया ज्ञापन

Thu, 04 Apr 2024 12:01 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

वेतन नहीं मिलने से ई बस के परिचालकों ने बसों का संचालन ठप कर दिया। उन्होंने बताया कि तीन माह से लगातार वेतन नहीं मिल रहा है। जिससे परिवार के सामने आर्थिक समस्या शुरू हो गई है। उन्होंने इसको लेकर अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा। 
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मुरादाबाद में ई बस के परिचालक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में ई-बसों के परिचालकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। परिचालकों ने बसों को ई-बस स्टेशन पर खड़ा कर दिया। जिस वजह से शहर के विभिन्न रूटों पर आने जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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मुरादाबाद में रोजाना 25 ई-बसोंं का संचालन किया जाता है। जिसमें रोजाना 10 हजार से अधिक यात्रियों को फायदा मिलता है। बुधवार को केवल चार ई-बसें चल पाईं। लगभग 40 परिचालकों ने क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर बुधवार को करीब 11:45 बजे पहुंचकर आरएम ममता सिंह को ज्ञापन सौंपा। 

परिचालकों ने कहा कि तीन माह से केएसजे डायनेमिक सिक्योरिटी कंपनी ने भुगतान नहीं किया है। विभिन्न रूटों पर परिचालकों की ड्यूटी हर माह कम की जा रही है। केवल 8 से 10 ड्यूटी ही मिल रही है। जिस वजह से परिचालकों को अपने परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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परिचालकों ने कहा कि केएसजे के सुपरवाइजर ही ड्यूटी का रोस्टर बनाएं, जिससे ड्यूटी में चल रहे भ्रष्टाचार को रोका जा सके क्योंकि पिछले माह भोजपुर रूट पर जो परिचालक चल रहे थे, उनसे प्रति ड्यूटी अवैध वसूली के रूप में 220 रुपये कैश लिया जाता था और उस रूट पर चेकिंग नहीं होती थी।

जिस वजह से विभाग को भारी हानि उठानी पड़ी। इसके पहले माह में संचालन रोकने पर वेतन से 1724 रुपये की कटौती परिचालकों के वेतन से की गई है।  इस दौरान योगेंद्र सैनी, बच्चन सिंह, हर्षवर्धन, राजवीर सिंह, चंद्रवीर, हर्ष, अनिकेत, सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।

नौकरी पर रखते समय हर महीने में 24 ड्यूटी देने का वादा किया गया था। इसके बाद भी परिचालकों को लगभग 10 ड्यूटी दी जा रही है। जिससे परिचालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। -देवेश, परिचालक

25 ई-बसों पर पहले 50 परिचालक थे तब लोगों को ड्यूटी करने को मिल जा रही थी। लेकिन अब 65 से अधिक परिचालक हैं। परिचालकों को ड्यूटी कम मिल रही है, तो वेतन भी तीन से पांच हजार मिलता है। जिससे परिवार नहीं चल पा रहा है। -बच्चन, परिचालक

दो साल से नहीं मिली सैलरी स्लिप, हेल्थ कार्ड और पीएफ

देवेश, अरविंद चौधरी, वीरेंद्र समेत कई परिचालक का कहना है कि दो साल से किसी माह की सैलरी स्लिप नहीं दी गई है। इसके अलाव हेल्थ कार्ड और पीएफ का कुछ पता नहीं चल रहा है। जबकि कर्मचारी भविष्य निधि में पीएफ का भुगतान हर माह होना चाहिए।

परिचालकों का जनवरी तक का वेतन कंपनी को भेज दिया गया है। फरवरी का भेजा जा रहा है। परिचालकों का मानदेय तब बढ़ेगा, जब ई-बस लाभ की स्थिति में रहेगी। कंपनी के शर्तों का पालन प्रशासन पूरी तरह से कर रहा है।  - आंजनेय सिंह, मंडलायुक्त, मुरादाबाद

 

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