मकान बेचने से मना करने पर बेटे ने ही सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी गोद ली बेटी सृष्टि की हत्या पत्नी और एक नौकर के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर सराफ और उनकी बेटी की हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने सराफ के हत्यारोपी बेटे, बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायालय पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
मोहल्ला नगर के कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की घर में ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह पिता-पुत्री के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। दोनों के चेहरे पर कपड़ा पड़ा हुआ था।
घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। योगेश चंद्र अग्रवाल की बाजार गुजरी में इशांक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उनकी पत्नी छाया की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो चुकी है। वह बेटी सृष्टि के साथ रहते थे। बेटा इशांक अग्रवाल दिल्ली में गत्ता फैक्टरी चलाता है।
इशांक की पत्नी मानसी अग्रवाल अपने दस साल के बेटे आयुष के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहती है। दोनों मकानों में आवाजाही के रास्ते अलग-अलग हैं, जबकि घर के भीतरी हिस्से में दोनों को जोड़ने के लिए दरवाजा है। बेटा इशांक अग्रवाल बृहस्पतिवार को दिल्ली से घर आया था।
शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मकान के अपने हिस्से में था। योगेश चंद्र अग्रवाल और बेटी सृष्टि के साथ अपने हिस्से में थे। सराफ और बेटी की हत्या की जानकारी शनिवार सुबह करीब छह बजे उनके दोस्तों से पुलिस तक पहुंची। उनके हमउम्र दोस्त राज निकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला रोज की तरह टेबल टेनिस खेलने उनके घर पहुंचे।
खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो साथियों ने योगेश चंद्र अग्रवाल का फोन मिलाया। फोन न उठने पर दरवाजे को धक्का दिया तो खुल गया। भीतर दाखिल होते ही कमरे की खिड़की में झांका तो फर्श पर पिता-पुत्री के शव नजर आए। सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और सेवा भारती संस्था के नगर अध्यक्ष भी थे।