मुरादाबाद। वन्यजीव और प्रकृति प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में चल रहे चौथे ईको पर्यटन सत्र की अवधि 15 दिन बढ़ा दी गई है। पहले यह सत्र 15 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन अब पर्यटक 30 जून तक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
नए आदेश के अनुसार अमानगढ़ के साथ प्रदेश के अन्य प्रमुख टाइगर रिजर्व जैसे पीलीभीत, दुधवा और रानीपुर टाइगर रिजर्व भी 30 जून तक पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। इसके बाद सभी टाइगर रिजर्व मानसून सीजन के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह से मानसून सक्रिय होने लगता है।
बारिश शुरू होने के बाद जंगल के अंदर जाने वाले कच्चे रास्ते और सफारी ट्रैक खराब हो जाते हैं। कई स्थानों पर जलभराव और फिसलन की स्थिति बन जाती है, जिससे पर्यटक और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए हर वर्ष मानसून के दौरान जंगल सफारी बंद कर दी जाती है। इस अवधि में विभाग ट्रैक की मरम्मत, सफाई और अन्य जरूरी रखरखाव कार्य कराता है, ताकि अगले पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमानगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले पर्यटन सत्र (2022-23) में 3,068 पर्यटकों ने जंगल सफारी की थी। दूसरे सत्र में करीब 6,500 पर्यटक 1,300 जिप्सियों के माध्यम से सफारी पर पहुंचे, जिससे 7.07 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। तीसरे पर्यटन सत्र (2024-25) में 776 जिप्सियों से 3,104 पर्यटकों ने जंगल भ्रमण किया।
हालांकि इस दौरान पर्यटकों की संख्या में लगभग 40.31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद तीनों पर्यटन सत्रों से अब तक 17 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो चुका है। मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था भी चालू रखी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 30 जून तक बढ़ी अवधि के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक अमानगढ़ पहुंचेंगे और जंगल सफारी का आनंद लेंगे।