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Moradabad News: इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत, रूबी बनी रहेंगी पार्षद

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मुरादाबाद। नगर निगम निकाय चुनाव से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। वार्ड-69 की पार्षद रूबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अब अगले आदेश तक रूबी परवीन पार्षद बनी रहेंगी। रूबी को 42 दिनों के बाद फिर से पार्षद का पद मिल गया है। हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत पर रूबी परवीन के समर्थकों में खुशी का माहौल है। वार्ड-69 आजादनगर सीट चुनाव में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी। चार मई 2023 को हुए मतदान में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रूबी परवीन विजेता बनीं थी। उन्होंने 1827 वोट प्राप्त किए थे जबकि सपा समर्थित प्रत्याशी अर्शी 1114 वोट पाकर उपविजेता रही थी। सपा समर्थित प्रत्याशी अर्शी ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि रूबी परवीन वार्ड-69 की मतदाता ही नहीं हैं। उन्होंने फर्जीवाड़ा कर चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया था। रूबी परवीन वार्ड-69 के बजाय वार्ड-65 की मतदाता हैं इसलिए वह जिस वार्ड से विजेता बनी हैं उस वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए योग्य उम्मीदवार ही नहीं हैं।
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एडीजे कोर्ट ने सुनवाई की और रूबी परवीन का निर्वाचन निरस्त कर दूसरे स्थान पर रहीं अर्शी को पार्षद घोषित कर दिया था। इसके बाद रूबी परवीन ने इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता इरशाद अहमद और जितेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि मतदाता सूची में अपीलकर्ता का नाम वास्तव में दर्ज था बस पिता के नाम में त्रुटि हो गई थी। बाद में सुधार किया गया लेकिन मामला एकतरफा चलने के कारण यह दस्तावेज एडीजे कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अपील में यह भी कहा गया कि बहु-उम्मीदवार वाले चुनाव में किसी एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित करने के बाद दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को सीधे विजेता घोषित नहीं किया जा सकता बल्कि दोबारा मतदान ही सही विधिक प्रक्रिया है।
हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही रूबी परवीन के पक्ष में अंतरिम राहत देते हुए कहा कि जब तक अगला आदेश नहीं आ जाता 24 सितंबर के आदेश का प्रभाव और क्रियान्वयन स्थगित रहेगा। अदालत ने दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर 15 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस फैसले के बाद रूबी परवीन को राहत मिली है और वह अपने पद पर बनी रहेंगी।
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- न्यायालय को गलत दस्तावेज दिखाकर गुमराह किया गया था। यह सच्चाई की जीत है। हमें यकीन है फैसला भी हमारे पक्ष में आएगा। - रूबी परवीन
- मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है। मैं अपनी बात मजबूती से रखूंगी। सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। - अर्शी
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