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सौलत के दरबार से अपना सा मुंह लेकर अकबर घर लौटे

Fri, 10 Feb 2017 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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बसपा प्रतीक
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पूर्व विधायक सौलत अली का पर्चा खारिज होने के बाद सभी दलों की नजरें अब उनकी शेख बिरादरी के 55 हजार वोटों पर टिकी हैं। सौलत का समर्थन पाने को सभी पार्टियों के नेता उनके घर के चक्कर लगा रहे हैं। बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी से लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम तक सौलत के घर पहुंच चुके हैं।
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प्रत्याशी भी सौलत को मनाने में जुटे हैं। बीते दिन देहात सीट से सपा प्रत्याशी हाजी इकराम कुरैशी रूठे सौलत को मनाने उनके घर पहुंचे थे तो गुरुवार को पूर्व मंत्री व कुंदरकी के बसपा प्रत्याशी हाजी अकबर ने सौलत के घर पहुंचकर उनसे मदद मांगी।

हालांकि सौलत ने हाथ जोड़कर उन्हें टाल दिया। उधर, शुक्रवार को मायावती के दौरे के ठीक पहले हाजी अकबर और सौलत अली की मीटिंग के मायने निकाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बसपाई दिग्गज सौलत को मायावती के मंच पर ले जाना चाहते थे, लेकिन उनके इरादों पर पानी फिर गया।
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अब सवाल उठ रहा है कि ऐसे में बसपाई दिग्गज मायावती को क्या मुंह दिखाएंगे। पूर्व विधायक सौलत अली को मुलायम सिंह यादव ने देहात सीट से सपा का टिकट दिया था। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से जारी की गई सूची में उनका नाम काट दिया गया था।

इसके बाद सौलत पीस पार्टी से टिकट ले आए, लेकिन उनका नामांकन खारिज हो गया। जिसके विरोध में उनके समर्थकों ने हंगामा किया था। पर्चा खारिज होने के बाद सौलत अली ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी कि उनका नामांकन सत्ता के दबाव में सपा नेताओं के इशारे पर खारिज किया गया है।

अब सौलत के साथ खड़ी शेख बिरादरी सपा के लिए मुसीबत बनती जा रही है। अलबत्ता पर्चा खारिज होने के बाद सौलत चुनाव मैदान से बाहर हो चुके हैं। लेकिन देहात सीट पर उनकी शेख बिरादरी के करीब 55 हजार वोटों पर सियासी दलों और नेताओं की नजरें टिकी हैं। शायद यही वजह है कि एक-एक कर तमाम नेता सौलत की चौखट पर हाजिरी दे चुके हैं।

सपा प्रत्याशी व कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान भी बुधवार को सौलत के घर पहुंचे थे, लेकिन सौलत टस से मस नहीं हुए। उन्हाेंने फिलहाल किसी को भी समर्थन देने से मना कर दिया है। गुरुवार को पूर्व मंत्री व कुंदरकी के बसपा प्रत्याशी हाजी अकबर भी सौलत के घर पहुंचे। दोनों में करीब घंटाभर मुलाकात हुई।

चर्चा है कि हाजी अकबर ने कुंदरकी सीट के साथ ही जिले की बाकी सीटों पर भी सौलत से बसपा के लिए समर्थन मांगा। लेकिन सौलत फिलहाल मौन हैं। इसी के बाद चर्चाएं शुरू हुई हैं कि घंटे भर के बाद भी सौलत की खामोशी से हाजी अकबर की किरकिरी हुई है।
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