मुरादाबाद। नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में चल रहे आईएचजीएफ मेले में विदेशी खरीदारों, क्रय एजेंसियों, प्रतिनिधियों और घरेलू थोक खरीदारों ने उत्पादों को देखा और पूछताछ की। इस दौरान मुरादाबाद के निर्यातकों को पुरस्कृत भी किया गया। शुक्रवार को मेले का समापन किया जाएगा।
हस्तशिल्प निर्यात शिल्प संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि मंथन कार्यक्रम ऊर्जा से भरा हुआ इंटरैक्टिव सत्र रहा। इसमें निर्यातकों, खरीदारों और सेक्टर से जुड़े अन्य हितधारकों ने भाग लिया। इस दौरान नए बाजारों और उत्पाद श्रेणियों, खरीदार अधिग्रहण कार्यक्रमों, डिजिटल सेवाओं, स्थायित्व और अनुपालन सहायता, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सक्षमता पर लोगों का ध्यान केंद्रित किया गया। ईपीसीएच के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि यह न केवल भारतीय हस्तशिल्प निर्यात क्षेत्र के लिए बल्कि समग्र रूप से वैश्विक व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण समय है। हमारा लक्ष्य मौजूदा 3.9 बिलियन डॉलर से नौ बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य तक पहुंचना है। ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने प्रदर्शनी की सराहना की और प्रदर्शकों व ईपीसीएच को इस ऐतिहासिक संस्करण के लिए बधाई दी। इस मौके पर ईपीसीएच के मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्षों में राज के मल्होत्रा, ओपी प्रहलाड़का, लेखराज महेश्वरी, डी कुमार, अरविंद वधेरा समेत आदि लोग मौजूद रहे।
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प्रदर्शकों को 10 श्रेणियों में पुरस्कार के लिए चुना
-ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि रचनात्मक डिस्प्ले के आधार पर प्रदर्शकों को 10 श्रेणियों में पुरस्कारों के लिए चुना गया। बाथरूम एक्सेसरीज के लिए श्री साई डे आर्ट्स, डिजाइनको इंडिया को पुरस्कार दिया जाएगा। फैशन ज्वैलरी एंड एक्सेसरीज के लिए केनवे सरताज समेत आदि शामिल हैं। लैम्प्स, लाइटिंग और एक्सेसरीज होम टेक्सटाइल्स, फर्निशिंग्स और फ्लोर कवरिंग्स, फैशन ज्वेलरी और एक्सेसरीज, डेकोरेटिव गिफ्ट्स, बाथरूम एक्सेसरीज, मोमबत्ती, अगरबत्ती आदि को अजय शंकर स्मृति पुरस्कार श्रेणी में रखा गया। वहीं पीएन सूरी स्मृति पुरस्कार श्रेणी में हाउसवेयर, टेबल और डेकोरेटिव उत्पाद, फर्नीचर, फर्नीचर हार्डवेयर और होम एक्सेसरीज को रखा गया।