सावधान हो जाइये अपने शहर की आबोहवा में घुल रहा जहर घातक स्थिति में पहुंचता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगातार की जा रही एयर मानीटरिंग की रिपोर्ट में ऐसी स्थिति सामने आ रही है। लेकिन स्थति में सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। अभी तक तो वायु में घुलनशील प्रदूषण कणों के मोटे स्तर को ही जाना जा सकता था, लेकिन जब प्रदूषण का यह स्तर बढ़कर चार गुना पहुंचा तो नई आटोमेटिक एयर मानीटरिंग मशीन मुरादाबाद भेजी गई है।
यह मशीन प्रदूषण के घातक स्तर छोटे कणों (पार्टिकुलेट मैटर 2.5) को भी मापकर सैटेलाइट के जरिए आनलाइन भेज सकेगी। इससे यह पता चल सकेगा कि हम महानगर में रहकर हर रोज कितनी जहरीली हवा सांस के जरिये खींच रहे हैं। ई-कचरा, ब्रास फैक्ट्रियां और बढ़ते वाहनों के धुआं से महानगर के वातावरण में जहरीली गैसें इस कदर घुल रही हैं कि आने वाले समय में सांस लेना दूभर हो जाएगा।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कई प्रकार से एयर मानीटरिंग के उपकरण लगाकर वायु प्रदूषण की स्थिति से अवगत करा रहा है, अभी तक वायु में फैलने वाले घातक पार्टिकुलेट मैटर-10 कण (पीएम-10) के स्तर की मानीटरिंग चल रही थी, लेकिन अब इससे भी संवेदनशील स्तर पार्टिकुलेट मैटर 2.5 (पीएम 2.5) कणों के हवा में घुलने की मानीटरिंग को आटोमेटिक मशीन मुरादाबाद भेजी गई है। यह मशीन शहर के कामर्शियल और रिहायसी इलाके के ऐसे प्वाइंट पर लगाई जाएगी, जहां वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होगा।
सैटेलाइट के जरिये आनलाइन होगा डाटा
आटोमेटिक एयर मानीटरिंग मशीन लगते ही मुरादाबाद महानगर में कितना घातक प्रदूषण फैला हुआ है, यह डाटा इंटरनेट पर आनलाइन हो जाएगा। क्योंकि इस मशीन का डाटा सैटेलाइट के जरिये केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में पहुंच जाएग, वहां से सीधे इंटरनेट के माध्यम से बोर्ड की वेबसाइट पर देखा जा सकेगा।
रामगंगा की वाटर क्वालिटी जानने को आटोमेटिक मशीन
रामगंगा में रामपुर जिले के शाहबाद तहसील के पास भी एक आटोमेटिक वाटर क्वालिटी मशीन लगाई जाएगी। यह मशीन रामगंगा पुल के नीचे लटकाने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन इसकी देखरेख कौन करेगा, मशीन हर समय पानी में लटकी रहे, इसका इंतजाम कैसे होगा, इस पर मंथन किया जा रहा है। मशीन लगने के बाद रामगंगा के जल में कितना प्रदूषण है इसका डाटा भी सैटेलाइट के जरिए सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास पहुंच जाएगा।