कांठ। किसानों द्वारा लगातार की जा रही मांग के बाद तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किए जाने के लिए कृषि विभाग ने तहसील प्रशासन ने भूमि या बना हुआ भवन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इस संबंध में उप कृषि निदेशक ने एसडीएम कांठ को एक पत्र भी भेजा है। कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र नहीं होने के कारण किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। कांठ को तहसील का दर्जा मिले करीब 25 साल का समय हो गया है, लेकिन आज तक यहां मृदा परीक्षण केंद्र नहीं खुलवाया है। किसान दो दशकों से लगातार मृदा परीक्षण की मांग करते चले आ रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत सहित अन्य किसान संगठन भी अनेकों बार इसके लिए ज्ञापन दे चुके हैं। पिछले दिनों भी भाकियू टिकैत ने दिए ज्ञापन में मृदा परीक्षण केंद्र की मांग को प्रमुख रखा था। किसानों की जरूरत को देखते हुए कांठ तहसील में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित कराने के लिए उप कृषि निदेशक ने एसडीएम कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी को पत्र भेजा है।
बुधवार को एडीओ कृषि सनोज कुमार पत्र लेकर तहसीलदार राजकुमार सिंह के पास पहुंचे और प्रयोगशाला के लिए भूमि या बना बनाया भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
जिस पर तहसीलदार ने इस संबंध में संबंधितों को निर्देश दिए हैं। यदि कांठ में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित हो जाती है तो किसानों को इसका बड़ा लाभ पहुंचेगा।