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दस साल इंतजार के बाद बदन पर सजी वर्दी तो खिल उठे चेहरे

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मुरादाबाद की पुलिस लाइन में आयोजित पासिंग आउट परेड में प्रतिभाग करते प्रशिक्षु। - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस को गुरुवार की सुबह मुरादाबाद से 183 सिपाही मिले। दस साल के लंबे इंतजार के बाद रिक्रूट्स को वर्दी पहनने का मौका मिला तो वे खुशी से झूम उठे। पुलिस लाइन में आयोजित की गई पासिंग आउट परेड की सलामी मुख्य अतिथि बरेली जोन के एडीजी अविनाश चंद्र ने ली। उन्होंने रिक्रूट्स को सत्य और निष्टा की शपथ दिलाई।
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दस साल पहले वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती निकाली गई थी। लिखित परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों ने व्हाइटनर का इस्तेमाल किया था। शासन ने उनकी भर्ती प्रक्रिया बीच में ही रोक दी थी। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया था। दस साल के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासन की अनुमति के बाद इनका प्रशिक्षण शुरू किया गया था। एक सितंबर 2020 में शासन ने 190 रिक्रूट्स आरक्षी मुरादाबाद पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के लिए आवंटित किए थे। इनमें से 187 अभ्यर्थियों ने पुलिस लाइन पहुंचकर अपनी आमद दर्ज कराई थी। वहीं, चार प्रशिक्षु बीच में ही प्रशिक्षण छोड़ कर चले गए थे। बाकी 183 रिक्रूट आरक्षी ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की और फाइल परीक्षा में शामिल हुए। इसमें सभी रिक्रूट्स ने सफलता पाई। शासन से अनुमति मिलने के बाद पासिंग आउट की तैयारियां शुरू कीं गईं। कई दिन पहले से ही मैदान को परेड के लिए सजाया जा रहा था। गुरुवार सुबह रिक्रूट्स सिपाही की वर्दी पहनकर परेड मैदान में उतरे तो अतिथि दीर्घा में बैठे परिजनों ने तालियां बजाकर अपनी खुशियों का इजहार किया। मुख्य अतिथि एडीजी बरेली अविनाश चंद्र ने परेड की सलामी ली। आउटडोर और इनडोर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बुलंदशहर निवासी संदीप राघव को सर्वांग सर्वोत्तम चुना गया। एडीजी बरेली जोन ने उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, एसपी सिटी अमित आनंद व एएसपी अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
देश, राज्य और समाज निर्माण में सिपाहियों की महत्वपूर्ण भूमिका: एडीजी
मुरादाबाद। पास आउट हुए सिपाहियों को मुख्य अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सिपाही पुलिस विभाग की सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी होती है। सिपाहियों का ही जनता से सीधा संवाद होता है। देश, राज्य व समाज निर्माण में सिपाहियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस की वर्दी पाना मुश्किल होता है। सैकड़ों अभ्यर्थियों में से एक को सिपाही बनने का मौका मिलता है। जहां भी आप की तैनाती रहे। वहां पूरी लगन ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी करें। कुछ माह बाद ही प्रदेश में पंचायत चुनाव होने हैं। इसमें अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी के साथ करें। आपके काम व व्यवहार से ही पुलिस की छवि बनाती है।
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