होली पर शहर में सात साल पहले बुद्धिजीवी वर्ग का महामूर्ख सम्मेलन होता था, जिसमें जिलाधिकारी, एसपी, कमिश्नर, डीआईजी बतौर मुख्य अतिथि बुलाए जाते थे। सम्मेलन होलिका दहन के दिन होता था।
सम्मेलन इस कदर प्रसिद्ध हुआ कि होली पर यह सम्मेलन पूरे शहर में आकर्षण का केंद्र बना गया, लेकिन सात साल से यह सम्मेलन नहीं हो रहा है। इस वर्ष महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा और एक बार फिर मूर्खाधिराज के सिर ताज सजेगा।
सम्मेलन के मुख्य आयोजक महाराजा हरिश्चंद्र कालेज के पूर्व प्रबंधक डॉ. विश्व अवतार जैमिनी के पुत्र व कालेज के वर्तमान प्रबंधक काव्य सौरभ रस्तोगी ने इस वर्ष यह सम्मेलन करने की घोषणा की है। रस्तोगी ने बताया कि होली का यह सम्मेलन लोगों को पूरे साल याद रहता था।
महामूर्ख सम्मेलन की शुरुआत महाराजा हरिश्चंद्र कालेज के पूर्व प्रबंधक डा. विश्व अवतार जैमिनी और उनके साथी एडवोकेट शैलेंद्र जौहरी, एडवोकेट एके सिंघल, के गुप्ता, रमेश पहलवान ने 1994 में की थी, लेकिन 2007 में जैमिनी के अस्वस्थ हो जाने और दो सदस्यों की मृत्यु हो जाने के बाद सम्मेलन का आयोजन बंद हो गया।
मूर्खोंं के सम्मेलन में गधे की आरती भी होती थी। आरती में मूर्ख लोग गाते थे, ‘जय गर्दभ देवा, स्वामी जय जय गर्दभ देवा। भार-बोझ दुनिया का सारा हर लेवा, जस गर्दभ देवा...’।