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सवा साल बाद पति ने सिम्मी का थामा हाथ, खुशी में छलके आंसू

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मुरादाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 14 दंपतियों ने वर्षों की कड़वाहट भूलकर एक साथ जीवन व्यतीत करने को राजी हो गए। सवा साल बाद पति ने सिम्मी का हाथ थामा, तो वह लोक अदालत में खुशी में फूट-फूट कर रोने लगी। लोगों के काफी समझाने के बाद वह शांत हुई।
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शनिवार को मुरादाबाद में आयोजित लोक अदालत में गिले शिकवे भूल कर 14 दंपती फिर से एक बंधन में बंध गए। जनपद न्यायाधीश डॉक्टर अजय कुमार द्वितीय व प्राधिकरण के सचिव नीतिवान निगम ने आपसी सहमति से समझौता करने वाले दंपतियों को फूलों का गुलदस्ता भेंटकर उनका मनोबल बढ़ाया।
बच्चों का देखभाल करना पति का कर्तव्य
मुरादाबाद। रामपुर के शाहबाद निवासी विपिन कुमार की शादी बिलारी निवासी सिम्मी के साथ हुई थी। आपसी मनमुटाव के चलते सिम्मी अपने पिता के घर बिलारी चली गई थी, जिसके बाद बिपिन ने अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए अदालत का सहारा लिया। अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश ने दोनों के बीच में वार्ता कराई और दोनों को समझाया। बिपिन ने बताया कि हमारे दो बच्चे हैं, जिनकी देखभाल करना अब हम पति पत्नी का पहला कर्तव्य है।
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पांच साल से चल रहा था विवाद, पांच मिनट में हो गया खत्म
कटघर के करूला निवासी रिजवान उर्फ मोबीन का निकाह करीब बारह साल पहले रजिया के साथ हुआ था। पांच साल पहले दोनों के बीच विवाद चल रहा था। न्यायाधीशों ने दोनों को समझाया तो रिजवान और रजिया साथ साथ रहने को तैयार हो गए। रिजवान का कहना है कि जिंदगी में हमसफर के अलावा कोई ऐसा नहीं होता, जिससे हम अपने दिल की बात कर सकें। अब भविष्य में हम साथ साथ रह कर अपना जीवन जीएंगे और अपने बच्चों का जीवन सफल बनाएंगे।
पति से मनमुटाव के बाद छोड़ दिया घर, अब साथ रहने को तैयार
मुरादाबाद। पति से नोकझोंक के बाद करीब पांच माह से अपने पिता के घर रह रही महिला ने कहा कि उसे पति के घर से जाने के बाद पता चला कि उसने कितनी बड़ी गलती की है, लेकिन कुछ लोगों के भड़काने के कारण उसने अदालत की चौखट पर आना ही सही समझा। अदालत में उसने किसी और की नहीं सुनी और अपने जीवन साथी के साथ जाने के लिए तैयार हो गई।
लोक अदालत में 26 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला मुख्यालय एवं समस्त वाह्य न्यायालयों में हुआ। पक्षकारों ने आपसी सहमति के आधार पर अपने मुकदमों को समाप्त कराया । लोक अदालत के माध्यम से 26262 मुकदमों का निस्तारण करके 35737306 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीतिवान निगम ने बताया कि जनपद न्यायाधीश डॉक्टर अजय कुमार द्वितीय के दिशा निर्देशन में जिला मुख्यालय एवं वाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत के माध्यम से आपराधिक शमनीय प्रकृति के 6674 ,मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर के 87, पारिवारिक प्रकृति के 88, इसके अतिरिक्त बैंक संबंधी व बीएसएनएल के 560 मामले प्रिलिटिगेशन स्तर पर निस्तारित करके कुल 11142890 रुपये की वसूली की गई। मोटर वाहन ई चालान के 2972 मामलों का निस्तारण कर 2898200 रूपय अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। वहीं, पीड़ित व्यक्तियों को 35737306 रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इस प्रकार इस मर्तबा लोक अदालत में 26,262 मुकदमों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर करके 27,34,655 रुपए अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए एवं 3,57,37,306 रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ितों को दिए जाने के आदेश पारित किए गए।
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