मुरादाबाद। बीते 26 सालों में यह पहली बार है जब शहर के विकास के लिए शहर की सरकार ने अपने बजट में कटौती की है। 1995 में नगर निगम बनने के बाद से हर साल मुरादाबाद नगर निगम का बजट बढ़ा ही है। लेकिन इस बार शहर के विकास के लिए पिछले साल के मुकाबले 35 करोड़ रुपये कम खर्च किए जाएंगे। नगर निगम बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में कार्यकारिणी द्वारा 2021-22 के लिए पारित 3.24 अरब के मूल बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई है। जबकि इससे पहले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3.59 अरब का मूल बजट पास किया गया था।
कोरोना संक्रमण के चलते टलती आ रही नगर निगम बोर्ड की चालू वित्ती वर्ष की बजट बैठक सोमवार को टाउनहॉल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महापौर विनोद अग्रवाल ने की। बैठक का संचालन कर रहे अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने 18 नवंबर 2020 की बैठक में पार्षदों द्वारा उठाई गई समस्याओं और सभी विभागों की आख्या पढ़ कर सुनाई। सभासदों ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए साथ ही कुछ नई समस्याएं व सुझाव भी बताए। किसी ने बढ़ते अतिक्रमण तो किसी ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के जारी किए जाने की प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। सफाई कर्मियों की कार्यप्रणाली और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकांश पार्षदों ने अपनी समस्या सदन के समक्ष रखी। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर इन बिंदुओं को कार्यवाही में शामिल किया गया और उसकी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया।
सदन में वित्तीय वर्ष 2021-22 की कुल आय 32489 लाख रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया गया। हल्के-फुल्के शोर शराबे और नारेबाजी के बीच ध्वनिमत से बजट को मंजूरी मिल गई। जिसमें जलकल के 8.27 करोड़, स्वास्थ्य व सफाई के करीब 21 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। लाइट, नालों आदि के लिए भी करीब एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। निर्माण कार्यों पर भी करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि इन सभी विकास कार्यों का खाका तैयार किया जा चुका है। जल्द ही इन विकास कार्यों को शुरू करा दिया जाएगा।
कोरोना के चलते पहली बार कम हुआ बजट
मुरादाबाद। वर्ष 2019-20 में 3.30 अरब का मूल बजट पास किया गया था। जो 2020-21 में बढ़कर 3.59 अरब हो गया था। कोरोना के चलते कम टैक्स वसूली व शासन से आवंटित धन में हुई कटौती के बाद नगर निगम केे अधिकारियों को पहली बार विकास कार्यों के लिए पिछले साल की अपेक्षा करीब 35 करोड़ रुपये कम का बजट पेश करना पड़ा। माना जा रहा है कि इसका असर इस बार जिले के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।
खर्चों में होगी कटौैती, नहीं प्रभावित होगा विकासकार्र्य
कोरोना काल में शासन से मिलने वाली ग्रांट कम आई है। लॉकडाउन के चलते कर वसूली भी कम हुई है। इसी के चलते पिछले साल की तुलना में बजट कम करना पड़ा। इसके असर विकास कार्यों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। प्रशासनिक खर्चे कम करके इसकी भरपाई की जाएगी। नया वाहन नहीं खरीदा जाएगा। नये कर्मचारियों की भर्ती भी नहीं की जाएगी। अधिकारियों के खर्चों आदि में भी कटौती की जाएगी। स्वास्थ्य, सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा।
- संजय चौहान, नगर आयुक्त
नगर निगम बोर्ड की बैठक में जो बजट पास किया गया है वह नगर की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शहर की पुरानी पाइप लाइनों को बदलने से लेकर नई पाइप लाइन बिछाने, सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों के निर्माण, नालों के चौड़ीकरण व उनके निर्माण आदि से लेकर शहर की प्रकाश व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। 3.24 अरब की लागत से नगर निगम तो विकास कार्य कराएगा ही, इसके अलावा स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी अरबों की लागत से विकास कार्य होंगे।
- विनोद अग्रवाल, महापौर