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सोलह दिन बाद मासूम को मिला मां का आंचल

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पाकबड़ा। स्थानीय पुलिस को मजार के पास मिले छह माह के मासूम को सोलह दिन बाद अपनी मां का आंचल मिल गया। बाल कल्याण समिति के प्रयासों से बिछड़े मासूम को उसकी असली मां मिल गई। कमेटी ने महिला के पिता को बेटी की तबीयत का ख्याल रखते की हिदायत देते हुए मासूम अरमान को उसकी मां अंजुम के हाथों में सौंप दिया।
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सात अप्रैल को पाकबड़ा की एक मजार पर पुलिस को एक छह माह का बच्चा लावारिस हालत में मिला था। बच्चेे की तबीयत खराब होने पर सीडब्ल्यूूसी व चाइल्ड लाइन की मौजूदगी में पुलिस ने उसको महिला अस्पताल के बेबी इमरजेंसी वार्ड में रखवाया था। इधर तीन दिन पहले एक महिला अपने पिता संग थाने पहुंची और पाकबड़ा में मजार पर मिले बच्चे को अपना होने का दावा किया। इस पर महिला को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास भेजा गया। जहां उन्होंने पुख्ता प्रमाण मांगे। काफी प्रयासों के बाद भी महिला कुछ खास प्रमाण नहीं जुटा पाई, लेकिन पूछताछ में उसन अपनी ससुराल बरेली व मायका पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर कला बताया। महिला मंदबुद्धि बताई गई। सीडब्ल्यूसी ने पुलिस की मदद से महिला के बताए पते पर इसकी जांच कराई तो दावा करने वाली महिला उस बच्चेे की असली मां निकली। मां व बच्चेे की तस्दीक पूरी होने पर शनिवार को सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अमित किशोर, सदस्य हरिओम, संजय चतुर्वेदी, बाल संरक्षण अधिकारी शिवांगी, चाइल्ड लाइन समन्वयक श्रद्धा शर्मा की मौजूदगी में अबोध अरमान को उसकी मां अंजुम व नाना रियासत के सुपुर्द कर दिया गया।
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