मुरादाबाद। 14 दिन बाद शनिवार को पीतल नगरी का वायु प्रदूषण तीन सौ के पार पहुंच गया। पिछले 14 दिन से राहत दे रहा वायु प्रदूषण शनिवार शाम सात बजे बढ़ गया। जिसके चलते देश के सबसे प्रदूषित शहरों में मुरादाबाद चौथे स्थान पर था। प्रदेश का इकलौता शहर मुरादाबाद बना, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ से अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश और देश की राजधानी से भी अधिक मुरादाबाद का वायु प्रदूषण रहा। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि मौसम में बदलाव होने की वजह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार शाम सात बजे सबसे अधिक पटना का एक्यूआई 334, मंडी गोबिंदगढ़ का 321, सिंगरौली का 316 और मुरादाबाद का 311 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान देशभर से सिर्फ पांच शहर ही तीन सौ से अधिक एक्यूआई वाले थे, जिसमें कटनी का भी 305 एक्यूआई दर्ज किया गया।
भारी कणों के साथ बढ़ी नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड
शाम सात बजे दर्ज किए गए 311 एक्यूआई में पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 365, औसत 311 और न्यूनतम 226 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 का स्तर अधिकतम 366, औसत 185 और न्यूनतम 140 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर भी बढ़ा हुआ था। अधिकतम स्तर 104, औसत 51 और न्यूनतम 30 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
15 नवंबर के बाद 300 पार
नवंबर माह में पहले 11 दिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर था। इसमें से चार, पांच और छह नवंबर को तो शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर स्थिति में थी। दो दिन राहत के बाद 14 और 15 नवंबर को वायु प्रदूषण का स्तर साढ़े तीन सौ से अधिक रहा था। इसके बाद से आठ दिन वायु प्रदूषण तीन सौ और चार दिन दो सौ एक्यूआई से कम रहा है।
मौसम में भी आया सुधार
शनिवार को मौसम में भी सुधार रहा। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में 0.5 और न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की आर्द्रता 67 फीसदी और शाम की 61 फीसदी दर्ज की गई। हवा की गति पश्चिम दिशा से पांच किलोमीटर प्रति घंटा रही है।
विशेषज्ञों ने जताई अधिक पीतल भट्ठियां जलने की आशंका
नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने कहा कि गैसों में बढ़ोतरी पीतल भट्ठियों के अधिक जलने की वजह से होती है। हो सकता है कि शनिवार को लाजपत नगर के आस-पास के क्षेत्रों में ज्यादा संख्या में पीतल भट्ठियां जलाई गई हों।
वर्जन...
शनिवार को मौसम में बदलाव हुआ है। मुरादाबाद के आस-पास के जनपदों का वायु प्रदूषण भी बढ़ा है। दिल्ली में मौसम वैज्ञानिकों से बात की है। रविवार तक प्रदूषण कम होने की संभावना है।
- विकास मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।