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स्कूल जाने से डरती हूं मैं मां

Tue, 25 Apr 2017 02:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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डेमो पिक
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परिवार वाले बच्चों के दिल की बात कई बार समझ नहीं पाते। पुलिस के मुताबिक कुछ ऐसी ही कहानी नवीं की इस बच्ची की है। वह नवीं में फेल हो गई और फिर उसी क्लास में उसका दाखिला करा दिया गया। लगता है वहां पुराने साथियों के सामने खुद को छोटा उस स्कूल के बजाए दूसरे स्कूल में पढ़ना चाहती है।
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मगर ऐसा नहीं हो पाने पर आज नई कहानी सामने आई। संदिग्ध हालात में छात्रा बेहोश हो गई। घर वाले दो लोगों पर छात्रा को जहर देने की बात कह रहे हैं तो पुलिस का दावा है कि स्कूल बदलवाने के लिए छात्रा ने खुद जहर खाया।

सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 14 साल की गीता (काल्पनिक नाम) एसएस चिल्ड्रेन स्कूल में नवीं कक्षा की छात्रा है। उसके पिता ने बताया कि सुबह करीब साढे़ सात बजे नार्मल हालत में उनकी बेटी घर से परिवार के अन्य बच्चों के साथ स्कूल गई थी।
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इसके बाद उन्हें स्कूल से सूचना मिली कि बेटी को किसी ने जहर खिला दिया है, उसे कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह मौके पर पहुंचे तो बेटी ने बताया कि दो युवक आए थे, उन्होंने उससे पिता का नाम पूछा। पिता का नाम बताने पर दोनों युवकों में से एक ने उसके बाल पकडे़ और दूसरे ने जबरन उनके मुंह में जहरीला पदार्थ डाल दिया।

इसके बाद वह मौके से चले गए, वह स्कूल के अंदर गई और स्कूल प्रिंसिपल को मामले की जानकारी दी। हालत बिगड़ने पर उसे कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि छात्रा ने खुद जहर खाया है।

जिसके बाद छात्रा के परिजनों ने भी पुलिस को लिखित में पत्र देकर मान लिया है कि उनकी बेटी ने खुद ही जहर खाया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस के दबाव में बेटी के खुद जहर खाने की बात मानी है। 

उनकी बेटी ने उनसे तो यही बताया है कि दो युवकों ने उसे जहर खिलाया है। परिजनों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उधर, कॉसमॉस अस्पताल के आरएमओ यासिन का कहना है कि छात्रा के शरीर में तरल जहरीला पदार्थ मिला है। हालत में सुधार है, देर रात तक वह आईसीयू में भर्ती है। 
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