पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान
किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप से घिरे सांसद आजम खां को सेशन कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने 29 मामलों में लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया है। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को 29 मामलों में आजम खां की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी गई।
सांसद मोहम्मद आजम खां पर सींगनखेड़ा में किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में 28 मुकदमे दर्ज हैं। इन 28 मुकदमों के साथ-साथ एक अन्य मामले में अग्रिम जमानत हासिल करने के लिए आजम खां की ओर से कोर्ट में अरजी लगाई गई थी। आजम खां के खिलाफ दर्ज 29 मुकदमों में अग्रिम जमानत की अरजी पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी।
सेशन कोर्ट में आजम खां की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एसआर खान समेत कई वकीलों ने पक्ष रखा। आजम खां के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया था कि राजनीतिक दबाव में उन पर पुलिस झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। पुलिस आजम खां को गिरफ्तार कर उनको अपमानित करना चाहती है।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता एवं आजम खां से जुड़े मामलों की पैरवी के लिए प्रशासन की ओर से तैनात किए गए जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) ने बचाव पक्ष के तर्कों को गलत बताते हुए कहा था कि सभी मुकदमों में पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। मंगलवार को दोनों पक्षों के वकीलों का तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय तिवारी ने बताया कि सेशन कोर्ट ने 29 मामलों में सांसद आजम खां की अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया है।